स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान का बड़ा दावा, अमेरिकी Remus 600 ड्रोन पकड़ा

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच तेहरान ने एक बड़ा दावा किया है। ईरान का कहना है कि उसकी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में अमेरिकी सेना की एक एडवांस मानवरहित पनडुब्बी (Unmanned Underwater Vehicle) को अपने कब्जे में ले लिया है।
ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर चैनल IRIB ने रविवार (27 सितंबर 2026) को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। ईरानी सेना के अधिकारियों ने इसे रणनीतिक जलमार्ग (Strategic Waterways) में संचालित अमेरिका की दूसरी एडवांस पनडुब्बी करार दिया है।
खुफिया निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर का इस्तेमाल
IRGC ने इस मानवरहित पनडुब्बी पर कब्जे को एक ‘कोर्डिनेटेड और कॉम्प्लेक्स ऑपरेशन’ (समन्वित और जटिल अभियान) का नतीजा बताया है। नौसेना का दावा है कि इस कार्रवाई में ईरानी सेना की खुफिया निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (Electronic Warfare) क्षमताओं का रणनीतिक रूप से फायदा उठाया गया।
IRIB द्वारा जारी बयान में कहा गया, “खुदा की रहमत से IRGC नौसेना के जवानों ने खुफिया जानकारी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के जरिए एक जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया। इसके तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जासूसी के मंसूबे से तैनात अमेरिकी सेना के एक एडवांस अंडरवाटर व्हीकल पर कामयाबी के साथ कब्जा कर लिया गया है।”
REMUS 600 की पहचान और जासूसी के आरोप
कब्जे में ली गई इस अमेरिकी पनडुब्बी की पहचान ‘रेमस 600’ (REMUS 600) के तौर पर की गई है। ईरानी अधिकारियों ने इसके बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह एक बेहद आधुनिक और पानी के नीचे बिना किसी मानवीय मदद के पूरी आजादी से काम करने वाला ऑटोनोमस व्हीकल है।
ईरानी पक्ष ने आरोप लगाया है कि यह एडवांस अंडरवाटर व्हीकल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के खिलाफ खुफिया और जासूसी मिशनों को अंजाम दे रहा था। IRGC का कहना है कि नौसेना द्वारा इसे नियंत्रण में लेने के बाद अब इस पनडुब्बी को एक्सपर्ट्स के सुपुर्द कर दिया गया है, ताकि इसके सिस्टम, डेटा और तकनीक के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा सके।

