‘चर्च को अपनी गलतियां माननी होंगी’, लूर्डेस में पोप लियो XIV की दो टूक

फ्रांस के चार दिवसीय दौरे पर आए पोप लियो XIV ने रविवार को तीर्थनगरी लूर्डेस (Lourdes) में करीब 1.5 लाख लोगों की मौजूदगी में एक ओपन-एयर मास (Open-air Mass) का नेतृत्व किया। अपने संबोधन के दौरान पोप ने कैथोलिक चर्च में हुए यौन शोषण के मामलों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने चर्च से अपील की कि वह अपनी गलतियों को स्वीकार करे और अपने भीतर लगे ‘गहरे घावों’ को भरे। इसके साथ ही उन्होंने फ्रांसीसी बिशपों से पादरियों द्वारा किए गए यौन शोषण की ‘बीमारी’ के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने को कहा।
यौन शोषण के पीड़ितों से मुलाकात और चर्च को संदेश
पोप लियो ने चर्च के भीतर हुए यौन शोषण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। ज्ञात हो कि 2021 में आई एक जांच रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस में पिछले 70 वर्षों के दौरान पादरियों और चर्च के सदस्यों द्वारा लगभग 3.3 लाख बच्चों का यौन शोषण किया गया था।
पोप ने फ्रांसीसी बिशप सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “आपने पादरियों या चर्च के भीतर नाबालिगों के शोषण की दर्दनाक बीमारी का दृढ़ता से सामना किया है। यह जरूरी है कि आप सबसे ज्यादा सतर्कता बरतते हुए इस रास्ते पर आगे बढ़ते रहें।”
फ्रांसीसी बिशपों को संबोधित करने से पहले, पोप 2021 में स्थापित एक तस्वीर “द क्राइंग चाइल्ड” के सामने भी रुके, जो चर्च के भीतर यौन शोषण के पीड़ितों के दर्द का प्रतीक है। अपने आधिकारिक कार्यक्रम के तहत पोप 7 पीड़ितों के साथ एक निजी बैठक भी करने वाले हैं। इनमें दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस के ‘नोट्रे-डेम डी बेथारम’ स्कूल का एक पूर्व छात्र भी शामिल है, जहां दशकों तक शारीरिक और यौन शोषण के गंभीर आरोप सामने आ चुके हैं।
एंड-ऑफ-लाइफ केयर और जीवन के मूल्य पर चिंता
अपने उपदेश के दौरान पोप लियो ने ‘एंड-ऑफ-लाइफ केयर’ (End-of-life care) के मुद्दे पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने वर्तमान में बीमारी, बुढ़ापे और पीड़ा के समय इंसान के जीवन के मूल्य को फिर से परिभाषित करने वाली प्रवृत्तियों पर गहरा दुख जताया।
1.5 लाख श्रद्धालुओं के बीच कई भाषाओं में प्रार्थना
फ्रांस में स्पेन की सीमा के पास स्थित लूर्डेस कैथोलिक ईसाइयों के लिए सबसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु पवित्र झरने के पानी से उपचार की उम्मीद में आते हैं। रविवार सुबह पोप लियो पोपमोबाइन (Popemobile) में सवार होकर श्रद्धालुओं के बीच पहुंचे और भीड़ को पवित्र जल से आशीर्वाद दिया।
इस ओपन-एयर मास में करीब 1.5 लाख लोग शामिल हुए। इस दौरान कई भाषाओं का इस्तेमाल किया गया। पहली रीडिंग इटैलियन में और दूसरी स्पेनिश में हुई, जबकि प्रार्थनाएं फ्रेंच, यूक्रेनी, अंग्रेजी, जर्मन, डच और अरबी में की गईं। पोप लियो के फ्रांस दौरे का यह तीसरा दिन था। इससे पहले शुक्रवार और शनिवार को पेरिस और सेंट-डेनिस में करीब 10 लाख से ज्यादा लोग उनके स्वागत के लिए उमड़े थे।

