कानून-व्यवस्था बनेगा चुनावी मुद्दा, BJP के निशाने पर SP का पुराना शासन

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गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

उत्तर प्रदेश के आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में कानून-व्यवस्था एक बार फिर सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने समाजवादी पार्टी (SP) को घेरने के लिए कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर एक विस्तृत रणनीति तैयार की है। पार्टी चुनावी मैदान में केवल अपनी उपलब्धियों का प्रचार नहीं करेगी, बल्कि जनता के सामने दोनों सरकारों के दौरान हुए अपराधों के तुलनात्मक आंकड़े रखकर सपा शासनकाल और भाजपा के मौजूदा कार्यकाल का अंतर स्पष्ट करेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक 2027 का मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा नीत एनडीए (NDA) और सपा-कांग्रेस गठबंधन वाले ‘इंडिया’ (INDIA) ब्लॉक के बीच होना है। उत्तर प्रदेश में जनाधार के लिहाज से सपा मुख्य विपक्षी दल है, इसलिए भाजपा सीधे तौर पर अखिलेश यादव की पूर्व सरकार के कार्यकाल को निशाने पर ले रही है।

2012-17 बनाम 2017 के बाद: आंकड़ों से नैरेटिव की तैयारी

भाजपा की नई रणनीति के तहत अखिलेश यादव के 2012 से 2017 तक के कार्यकाल के दौरान कानून-व्यवस्था से जुड़े रिकॉर्ड्स को जनता के बीच रखा जाएगा। पार्टी सपा शासन में हुए दंगे, हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार, छेड़खानी, रंगदारी और संगठित अपराध के मामलों की तुलना 2017 के बाद की स्थिति से करेगी।

इसके अलावा भाजपा सरकार द्वारा माफिया और बाहुबलियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को प्रमुखता से उठाया जाएगा:

  • गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कार्रवाई और अवैध संपत्तियों की कुर्की

  • संगठित गिरोहों के खिलाफ पुलिस के सख्त अभियान

  • अवैध कब्जों और अपराधियों की संपत्तियों पर चला ‘बुलडोजर मॉडल’

महिला सुरक्षा और युवा वोट बैंक पर फोकस

विधानसभा चुनाव में महिला और युवा मतदाताओं की निर्णायक भूमिका को देखते हुए भाजपा ने महिला सुरक्षा को अपनी रणनीति का केंद्रीय बिंदु बनाया है। महिलाओं से जुड़े अपराधों पर त्वरित कार्रवाई, थानों में सुनवाई और सुरक्षा के माहौल को पार्टी प्रमुखता से रेखांकित करेगी।

प्रचार अभियान में ‘मिशन शक्ति’ अभियान, एंटी रोमियो स्क्वॉड की सक्रियता, हर जिले में महिला थानों का विस्तार और यूपी पुलिस में महिला कर्मियों की रिकॉर्ड भर्ती को सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया जाएगा। पार्टी का मानना है कि सुरक्षित माहौल और सख्त प्रशासनिक फैसलों का सीधा असर जमीन पर दिखा है, जिसे वह आगामी चुनावों में मुख्य विमर्श बनाएगी।