Clarity Act पर अमेरिका में गतिरोध, हांगकांग के लिए खुल सकती है नई राह

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Jyoti Atmaram Ghag
Jyoti Atmaram Ghag

अमेरिकी सीनेट (US Senate) ने क्रिप्टोकरेंसी मार्केट के स्ट्रक्चर को रेगुलेट करने के लिए लाए गए अहम ‘क्लैरिटी एक्ट’ (Clarity Act) को बुधवार को खारिज कर दिया है। इस बिल के गिरने से अमेरिका में डिजिटल एसेट्स के मुख्यधारा के फाइनेंस में शामिल होने की प्रक्रिया फिलहाल रुक गई है। हालांकि, इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का मानना है कि वॉशिंगटन में लगी इस रोक ने हांगकांग के लिए खुद को एक प्रमुख डिजिटल एसेट हब के रूप में स्थापित करने का एक बड़ा रास्ता खोल दिया है।

डेमोक्रेट्स ने ट्रंप पर साधा निशाना

सीनेट में डेमोक्रेट नेता एलिसा स्लॉटकिन ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बिल के एथिक्स प्रावधानों को बेहद ‘कमजोर’ बताया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि ट्रंप आम अमेरिकियों की गाढ़ी कमाई लूटकर क्रिप्टो से अरबों डॉलर कमा रहे हैं।

दूसरी तरफ, रिपब्लिकन सीनेटर सिंथिया लुमिस और जॉन हस्टेड ने सोशल मीडिया पर बिल के खारिज होने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि क्रिप्टो बिल को नामंजूर करने का सीधा मतलब इस सेक्टर की लीडरशिप चीन को सौंपना है।

हांगकांग के लिए अवसर और भविष्य की चुनौतियां

मेननलैंड चीन में क्रिप्टो पर पूरी तरह से बैन लागू है, लेकिन हांगकांग को खुद को डिजिटल एसेट हब के रूप में विकसित करने की मंजूरी मिली हुई है। हांगकांग लिस्टेड क्रिप्टो एसेट मैनेजमेंट फर्म बिटफायर ग्रुप की यूनिट ‘बिटफायर रिसर्च’ के निदेशक एलन डिंग के अनुसार, अमेरिकी बिल में हुई इस देरी ने हांगकांग को एक महत्वपूर्ण ‘रणनीतिक अवसर’ (Strategic Window) दिया है, ताकि वह रेगुलेटरी मोर्चे पर अपनी बढ़त पक्की कर सके।

डिंग ने यह भी साफ किया कि अमेरिका के मुकाबले हांगकांग की यह बढ़त अस्थायी हो सकती है। हांगकांग का घरेलू बाजार काफी छोटा है, जबकि वैश्विक स्तर पर अमेरिकी रेगुलेटरी मानकों का प्रभाव बहुत व्यापक है।

हांगकांग स्थित एंटरप्राइज डिजिटल एसेट वॉलेट प्रोवाइडर ‘क्रेगिस टेक्नोलॉजी’ के संस्थापक और सीईओ शॉन यान ने कहा कि क्लैरिटी एक्ट के फेल होने से डिजिटल एसेट मार्केट की लंबी अवधि की दिशा नहीं बदलेगी, लेकिन इससे अमेरिका में रेगुलेटरी अनिश्चितता जरूर बढ़ी है। यान के मुताबिक, हांगकांग को अब सीमा पार काम करने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर ध्यान देना चाहिए, बजाय इसके कि किसी एक देश के नियमों का इंतजार किया जाए।

हांगकांग में कंप्लायंस लागत और मंदी का दबाव

एक सुरक्षित और अनुमानित रेगुलेटरी माहौल ही दुनिया भर के व्यवसायों के लिए हांगकांग की मुख्य पिच रहा है। इसी साल अप्रैल में एक इंडस्ट्री कॉन्फ्रेंस में सांसद डंकन चिउ तात-कुन ने हांगकांग के डिजिटल नियमों के विकास की तारीफ करते हुए अमेरिकी राजनीतिक अनिश्चितता पर तंज कसा था।

इन दावों के बावजूद हांगकांग में क्रिप्टो कंपनियों की राह आसान नहीं है। कंपनियों को भारी कंप्लायंस लागत और लंबी मार्केट मंदी का सामना करना पड़ रहा है। हांगकांग स्थित कॉइनएक्स (CoinEx), जो शहर के 13 लाइसेंस प्राप्त एक्सचेंजों में शामिल नहीं है, ने इसी हफ्ते अपना कामकाज बंद करने की घोषणा की है। कंपनी ने इसके पीछे ‘उचित सीमाओं से अधिक अनिश्चितताओं’ का हवाला दिया।

सीनेट के फैसले के बाद बिटकॉइन में गिरावट

अमेरिकी सीनेट के इस फैसले का असर सीधे तौर पर क्रिप्टोकरेंसी बाजार की कीमतों पर देखा गया। बुधवार को सीनेट की वोटिंग के बाद दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) करीब 5 प्रतिशत गिरकर 75,000 डॉलर से नीचे आ गई।

अगस्त महीने में वैकल्पिक संपत्तियों में आई तेजी के बीच बिटकॉइन तीन महीने में पहली बार 80,000 डॉलर के पार गया था। हालांकि, अक्टूबर में अपने 126,000 डॉलर के रिकॉर्ड हाई (Record High) के बाद से इसमें लगातार गिरावट देखी गई है और वर्तमान में यह अपने उच्चतम स्तर से लगभग 40 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है।