Xi US Visit: ट्रंप से मुलाकात खत्म, टैरिफ और व्यापार पर आगे बढ़ी बातचीत

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका का अपना 43 घंटे का संक्षिप्त और अहम राजकीय दौरा पूरा कर लिया है। एक दशक से अधिक समय में यह उनकी पहली अमेरिकी राजकीय यात्रा थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके स्वागत के लिए भव्य इंतजाम किए। इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने एयरपोर्ट पर औपचारिक स्वागत, व्हाइट हाउस रिसेप्शन, और व्यापार, टैरिफ व ताइवान समेत कई व्यापक मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता की।
व्यापार और टैरिफ में मिली राहत
इस दौरे पर व्यापार के मोर्चे पर कुछ ठोस नतीजे सामने आए हैं। अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज को बताया कि ‘बुसान व्यापार समझौते’ (Busan Trade Agreement) को दो महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। अब यह समझौता 10 नवंबर के बजाय 10 जनवरी तक लागू रहेगा।
दोनों देशों ने ‘बोर्ड ऑफ ट्रेड’ तंत्र को भी अंतिम रूप दे दिया है। जल्द ही उन गैर-संवेदनशील क्षेत्रों और उत्पादों की घोषणा की जाएगी, जिन पर टैरिफ घटाने के लिए 30 बिलियन डॉलर की सीमा तय की गई है। अमेरिकी व्यापार प्रमुख जैमीसन ग्रीर ने सीएनबीसी को बताया कि वाशिंगटन और बीजिंग के बीच “प्रबंधित व्यापार” (Managed trade) के एक हिस्से पर सहमति बन गई है और सोमवार को इससे जुड़ी अतिरिक्त जानकारी साझा की जाएगी।
‘रणनीतिक स्थिरता’ और ताइवान पर सख्त रुख
शी जिनपिंग ने इस दौरे पर बार-बार “रणनीतिक स्थिरता” (Strategic stability) के जरिए रचनात्मक चीन-अमेरिका संबंध बनाने के दृष्टिकोण पर जोर दिया। यह अवधारणा इसी साल मई में बीजिंग शिखर सम्मेलन के बाद दोनों पक्षों ने अपनाई थी। व्हाइट हाउस के रेड रूम में ट्रंप के साथ हुई चाय पर चर्चा में शी ने कहा कि द्विपक्षीय संबंध रचनात्मक होंगे और यह “सम्मान, निष्पक्षता और पारस्परिकता” पर आधारित होने चाहिए।
गुरुवार को हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान ताइवान का मुद्दा प्रमुखता से उठा। बीजिंग के विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, शी ने ट्रंप पर ताइवान की स्वतंत्रता का स्पष्ट रूप से विरोध करने का दबाव डाला। शी ने उम्मीद जताई कि अमेरिकी पक्ष ताइवान की स्वतंत्रता का विरोध करने की सही स्थिति का पालन करेगा। व्हाइट हाउस ने फिलहाल इस बातचीत का कोई विस्तृत ब्योरा जारी नहीं किया है।
राजकीय भोज में जुटे 134 नामी मेहमान
चीनी राष्ट्रपति के सम्मान में व्हाइट हाउस में एक भव्य राजकीय भोज आयोजित किया गया, जिसमें कुल 134 मेहमान शामिल हुए। दोनों राष्ट्रपतियों के साथ मुख्य मेज पर प्रमुख अमेरिकी बिजनेस लीडर्स मौजूद थे। इनमें टेस्ला के सीईओ एलन मस्क, एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग, एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेस (AMD) की सीईओ लिसा सू और एप्पल के कार्यकारी अध्यक्ष टिम कुक शामिल रहे।
द्वितीय विश्व युद्ध के गठबंधन का जिक्र और सैन्य सम्मान
दोनों नेताओं ने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जापानी आक्रामकता के खिलाफ अपने देशों के गठबंधन का उल्लेख करते हुए अमेरिका-चीन की लंबी दोस्ती और साझा जमीन तलाशने की जरूरत पर जोर दिया। ट्रंप ने जापान का नाम लिए बिना चीन को द्वितीय विश्व युद्ध का सहयोगी बताया, जबकि शी ने स्पष्ट रूप से जापान का नाम लेते हुए कहा कि चीन-अमेरिका की यह दोस्ती “खून और आग” में बनी थी।
वाशिंगटन ने शी जिनपिंग की यात्रा के लिए भव्य सैन्य सम्मान का आयोजन किया। मैरीलैंड के जाइंट बेस एंड्रयूज पर चीनी राष्ट्रपति के आगमन और प्रस्थान दोनों मौकों पर 21 तोपों की सलामी दी गई। व्हाइट हाउस में शी का स्वागत एक सैन्य फ्लाईओवर के साथ किया गया, जिसमें एक B-2 स्पिरिट विमान और चार F-22 रैप्टर लड़ाकू विमान शामिल थे।
इस यात्रा के अंत में शी जिनपिंग ने नेशनल आर्काइव्स का दौरा किया और बेहतरीन मेजबानी व हर बारीकी का ध्यान रखने के लिए ट्रंप को धन्यवाद दिया। दोनों नेताओं ने इस साल के अंत में दो और बैठकों की पुष्टि की है। वे नवंबर में शेनझेन में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) और दिसंबर में मियामी में जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में भी मुलाकात करेंगे।

