8th CPC: नर्सिंग स्टाफ की 3.25 फिटमेंट फैक्टर और Level-10 पे की मांग

8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) का चंडीगढ़ दौरा 18 सितंबर को संपन्न हो गया। 16 से 18 सितंबर तक चले इस दौरे में आयोग ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों के दौरान नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन (NWA) और PGIMER के नर्सिंग प्रतिनिधियों ने सैलरी, भत्ते और इंक्रीमेंट को लेकर आयोग के समक्ष अपना मांग पत्र सौंपा। आयोग की अगली स्टेकहोल्डर बैठक अब 7 और 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में होने जा रही है।
3.25 फिटमेंट फैक्टर और लेवल-10 एंट्री पे की मांग
पीजीआईएमईआर (PGIMER) की नर्सों ने 8वें वेतन आयोग में 3.25 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की पुरजोर मांग की है। गौरतलब है कि 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था। नर्सिंग प्रतिनिधियों का तर्क है कि महंगाई के साथ आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा का खर्च काफी बढ़ गया है, इसलिए उच्च फिटमेंट फैक्टर से ही कर्मचारियों की सैलरी में वास्तविक और सम्मानजनक बढ़ोतरी हो सकेगी।
इसके साथ ही, NWA ने नर्सिंग अधिकारियों की उन्नत शैक्षणिक योग्यता और मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) के साथ समानता का हवाला देते हुए एंट्री-लेवल पे को बढ़ाकर ‘पे लेवल-10’ करने की मांग रखी है। हालांकि, यह अभी सिर्फ एक प्रस्ताव है, जिस पर आयोग को विचार करना है।
5% सालाना इंक्रीमेंट और भत्तों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव
कर्मचारियों पर बढ़ रहे आर्थिक दबाव और जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए संगठनों ने मौजूदा 3% सालाना इंक्रीमेंट को अपर्याप्त बताया है और इसे बढ़ाकर 5% करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, कुछ अन्य प्रमुख मांगें भी रखी गई हैं:
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भत्ते: नर्सिंग अधिकारियों के लिए रात की ड्यूटी का अलग भत्ता (Night Duty Allowance) और रिस्क व हार्डशिप अलाउंस (Risk and Hardship Allowance) लागू किया जाए।
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A1 सिटी का दर्जा: चंडीगढ़ को HRA (हाउस रेंट अलाउंस) और TA (ट्रैवलिंग अलाउंस) के कैलकुलेशन के लिए ‘A1’ सिटी की श्रेणी में शामिल किया जाए।
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अलाउंस में इजाफा: मौजूदा नर्सिंग अलाउंस, ड्रेस अलाउंस और अन्य विशेष अलाउंस में बढ़ोतरी की जाए।
3 लाख से ज्यादा नर्सों को होगा फायदा
वेतन और भत्तों के अलावा स्वास्थ्य कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य के लिए टर्म इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस की मांग भी आयोग के सामने रखी गई है। साथ ही, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है।
नर्सिंग संगठनों के अनुसार, यदि वेतन आयोग इन मांगों को अपनी सिफारिशों में शामिल करता है, तो केंद्र सरकार के अस्पतालों, AIIMS, ESIC, PGI और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत 3 लाख से अधिक नर्सों को इसका सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
