BRICS के बाद विश्व नेताओं के बीमार होने की उड़ी अफवाह, मिला जवाब

भारत की मेजबानी में नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन 2026 के बाद कई विश्व नेताओं के बीमार पड़ने की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) की फैक्ट-चेकिंग इकाई ने इन दावों का कड़ा खंडन करते हुए इन्हें पूरी तरह से फर्जी और दुर्भावनापूर्ण बताया है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर लोगों से अपील की है कि वे ऐसी भ्रामक जानकारियों और पोस्ट से सावधान रहें।
रामाफोसा और शी जिनपिंग को लेकर उड़ी थी अफवाह
अफवाहों ने तब जोर पकड़ा जब दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा (73) के कार्यालय ने जानकारी दी कि वे ब्रिक्स सम्मेलन से लौटने के बाद डॉक्टरों की सलाह पर आराम कर रहे हैं। उनके साथ ही दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति पॉल माशातिले ने भी सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बना रखी है। इसी बीच, सोशल मीडिया पर यह दावा भी तेजी से फैलने लगा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग स्वास्थ्य कारणों के चलते ब्रिक्स सम्मेलन बीच में ही छोड़कर विशेष विमान से लौट गए थे। विदेश मंत्रालय ने इन सभी दावों को निराधार बताया है।
दिल्ली में 12-13 सितंबर को हुआ था BRICS सम्मेलन
11 सदस्यीय ब्रिक्स समूह की यह अहम बैठक 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी। इस शिखर सम्मेलन में दुनिया के सामने मौजूद कई बड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई:
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वैश्विक सहयोग: व्यापार, निवेश और विकास के साथ-साथ दुनिया में बदल रहे हालात पर मंथन किया गया।
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संरक्षणवादी कदमों का विरोध: ब्रिक्स देशों ने एकतरफा दंडात्मक, भेदभावपूर्ण और अमेरिकी टैरिफ जैसे संरक्षणवादी कदमों का कड़ा विरोध किया।
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क्लाइमेट चेंज और नीतियां: सम्मेलन के घोषणापत्र में कार्बन सीमा समायोजन (Carbon Border Adjustment) जैसे एकतरफा उपायों पर चिंता जताई गई। देशों का मानना है कि ऐसे कदम विकासशील देशों के लिए जलवायु परिवर्तन से निपटने की कोशिशों पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।
