UK कैसे बना? 800 साल के संघर्ष में जुड़े वेल्स, स्कॉटलैंड और आयरलैंड

यूनाइटेड किंगडम (UK) में इन दिनों अलगाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड के नेताओं ने ‘स्व-निर्णय’ का अधिकार मांगते हुए एक घोषणापत्र जारी किया है। इन देशों की कोशिश ब्रिटेन के संवैधानिक ढांचे से अलग अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने की है। लेकिन जिस ‘यूनाइटेड किंगडम’ के आज टूटने की चर्चा हो रही है, उसका निर्माण शांतिपूर्ण नहीं रहा। यह सदियों के सैन्य हमलों, खूनी संघर्षों, राजनीतिक चालाकियों और समझौतों का नतीजा है।
क्या है यूनाइटेड किंगडम?
यूनाइटेड किंगडम असल में कोई एक देश नहीं है। यह इंग्लैंड, वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड से मिलकर बना ‘देशों का समूह’ है। इसे आधिकारिक तौर पर ‘यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड नॉर्दर्न आयरलैंड’ कहा जाता है। इसका निर्माण कोई एक दिन की घटना नहीं थी, बल्कि यह इंग्लैंड की विस्तारवादी नीतियों और अलग-अलग राजवंशों के राजनीतिक गठजोड़ का परिणाम था।
वेल्स: 10 साल का खूनी संघर्ष और ‘एक्ट्स ऑफ यूनियन’
13वीं शताब्दी के अंत में, इंग्लैंड के किंग एडवर्ड-प्रथम ने प्रिंसिपैलिटी ऑफ वेल्स पर सैन्य हमला कर उसे अपने अधीन कर लिया। वेल्स के बागियों ने इस कब्जे का कड़ा विरोध किया। जवाब में एडवर्ड ने वेल्स में भारी रक्तपात मचाया।
कहा जाता है कि वेल्स के राजा ल्यूवलिन की हत्या के बाद एक अंग्रेज सैनिक ने मौत की पुष्टि के लिए उनका कटा हुआ सिर इंग्लैंड भेजा था। 1274 में शुरू हुआ यह खूनी संघर्ष 1284 में खत्म हुआ, जब वेल्स ने हार मान ली। बाद में, किंग हेनरी-आठवें के शासन में 1530 और 1540 के दशक में ‘एक्ट्स ऑफ यूनियन’ पारित कर वेल्स पर जबरन अंग्रेजी कानून थोप दिए गए और उसे औपचारिक रूप से इंग्लैंड का हिस्सा बना लिया गया।
स्कॉटलैंड: मध्यस्थता के बहाने गद्दी पर कब्जा और 7500 हत्याएं
13वीं सदी तक स्कॉटलैंड एक स्वतंत्र देश था, लेकिन वहां राजगद्दी को लेकर गृहयुद्ध छिड़ गया। विवाद सुलझाने के लिए इंग्लैंड के किंग एडवर्ड-प्रथम को मध्यस्थ बनाया गया। एडवर्ड ने इस मौके का फायदा उठाते हुए स्कॉटलैंड को अपने अधीन करने की कोशिश की, जिसका भारी विरोध हुआ।
एडवर्ड ने राजगद्दी के दावेदार ब्रूस को गद्दी तो दिलाई, लेकिन बदले में स्कॉटलैंड पर इंग्लैंड का आधिपत्य थोप दिया। जब स्कॉटलैंड ने अंग्रेजी दमन का विरोध करते हुए फ्रांस से हाथ मिलाया, तो एडवर्ड ने बेरविक शहर को तबाह कर दिया। अंग्रेजी सेना ने स्कॉटलैंड में भारी रक्तपात किया और करीब 7500 लोगों को मौत के घाट उतार दिया।
सालों के संघर्ष के बाद 14वीं सदी की शुरुआत में स्कॉटलैंड ने अपनी स्वतंत्रता का एलान किया, जिसे तत्कालीन पोप का समर्थन मिला। इसके बाद इंग्लैंड ने स्कॉटलैंड की कानूनी स्वायत्तता मान ली। बाद में दोनों देशों के राजघरानों के बीच वैवाहिक संबंध बने। 1603 में स्कॉटलैंड के राजा जेम्स षष्ठम इंग्लैंड के राजा बने। अंततः 1707 में कर्ज में डूबे स्कॉटलैंड ने इंग्लैंड के साथ ‘एक्ट ऑफ यूनियन’ पारित कर ‘ग्रेट ब्रिटेन’ का निर्माण किया।
आयरलैंड: धार्मिक विभाजन और 1922 में आजादी
आयरलैंड पर इंग्लैंड की नजर 12वीं सदी से ही थी। 1171 में किंग हेनरी द्वितीय ने आयरलैंड पर आक्रमण कर बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया। 1542 में ‘क्राउन ऑफ आयरलैंड एक्ट’ के तहत आयरलैंड को इंग्लैंड का आश्रित राज्य घोषित कर दिया गया।
1801 में ‘एक्ट्स ऑफ यूनियन’ लागू कर ‘यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड आयरलैंड’ की स्थापना हुई। लेकिन यह विलय धार्मिक आधार पर विवादित रहा। बहुसंख्यक कैथोलिक आबादी वाले आयरलैंड ने खुद को कभी ब्रिटिश नहीं माना, जबकि प्रोटेस्टेंट अल्पसंख्यक इंग्लैंड के साथ रहना चाहते थे।
बगावत के बाद, 1919 में आयरिश रिपब्लिकन आर्मी (IRA) और ब्रिटेन के बीच स्वतंत्रता संग्राम शुरू हुआ। 1921 में ब्रिटिश सरकार ने आयरलैंड को दो हिस्सों में बांट दिया- कैथोलिक बहुल दक्षिणी आयरलैंड और प्रोटेस्टेंट बहुल उत्तरी आयरलैंड। 1922 में दक्षिणी हिस्सा आजाद हुआ (आज का रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड), जबकि उत्तरी आयरलैंड यूके का हिस्सा बना रहा।
