ब्रिक्स में शामिल होने को छटपटा रहा पाकिस्तान: भारत के वीटो से अटकी एंट्री

उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के सबसे शक्तिशाली मंच ब्रिक्स (BRICS) में शामिल होने के लिए पाकिस्तान लगातार कूटनीतिक जोर-आजमाइश कर रहा है। मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के जुड़ने से ‘ब्रिक्स प्लस’ (BRICS+) बने इस संगठन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान ने साल 2023 में सदस्यता के लिए औपचारिक आवेदन किया था, लेकिन संगठन के भीतर भारत के कड़े रुख और सर्वसम्मति आधारित नियमों के कारण उसकी एंट्री पूरी तरह अटकी हुई है।
ब्रिक्स का हिस्सा क्यों बनना चाहता है पाकिस्तान?
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आर्थिक संकट से उबरने की कोशिश: पाकिस्तान का यह कदम उसकी गिरती अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) व विश्व बैंक पर अत्यधिक निर्भरता को कम करने की रणनीति का हिस्सा है।
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न्यू डेवलपमेंट बैंक में निवेश: निक्केई एशिया (Nikkei Asia) की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने अपने आर्थिक विकल्पों में विविधता लाने के लिए ब्रिक्स समर्थित न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) में 580 मिलियन डॉलर की हिस्सेदारी खरीदी है।
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ग्लोबल साउथ का दबदबा: ब्रिक्स वर्तमान में दुनिया की लगभग 49% आबादी और क्रय शक्ति समता (PPP) के आधार पर वैश्विक जीडीपी के करीब 40% हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।
पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशें
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज़ ज़हरा बलूच ने ब्रिक्स को विकासशील देशों का अहम मंच बताते हुए उम्मीद जताई थी कि संगठन समावेशी बहुपक्षवाद के तहत पाकिस्तान के आवेदन पर विचार करेगा। वहीं, रूस में पाकिस्तान के राजदूत मुहम्मद खालिद जमाली ने भी रूसी मीडिया को बताया था कि वे ब्रिक्स सदस्यता के लिए मॉस्को सहित अन्य सदस्य देशों से लगातार समर्थन जुटाने में लगे हैं।
भारत का रुख और ‘कंसेंसस’ की अड़चन
रूस और चीन से परोक्ष समर्थन की संभावनाओं के बावजूद पाकिस्तान की राह आसान नहीं है। ब्रिक्स में नए सदस्यों को शामिल करने की प्रक्रिया पूर्ण सर्वसम्मति (Consensus-based Admission Rules) पर आधारित है। इसका अर्थ यह है कि जब तक सभी मौजूदा सदस्य देश एकमत नहीं होते, तब तक किसी भी नए देश को पूर्ण सदस्य या पार्टनर के तौर पर शामिल नहीं किया जा सकता। सीमा पार आतंकवाद और रणनीतिक सुरक्षा के मुद्दों पर भारत का स्पष्ट और सख्त रुख पाकिस्तान के प्रवेश की राह में सबसे बड़ी दीवार बना हुआ है।
