Iran Warns South Korea: सैन्य मौजूदगी पर ईरान की सख्त चेतावनी

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हुसैन अफसर
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ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच तेहरान ने अन्य देशों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने दक्षिण कोरिया को चेतावनी दी है कि यदि उसके देश की सेना फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे अमेरिकी अभियानों में हिस्सा लेती है, तो इसे सीधे तौर पर अमेरिकी “आक्रामकता” का समर्थन माना जाएगा और इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

‘दबाव और धमकियों के आगे न झुकें संप्रभु देश’

सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने बयान में ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि ईरान और दक्षिण कोरिया के बीच 64 साल पुराने पारंपरिक और आपसी सम्मान पर आधारित संबंध रहे हैं। तेहरान इन रिश्तों को काफी महत्व देता है। हालांकि, मौजूदा समय में ईरानी जनता अमेरिका की आक्रामक कार्रवाइयों और महिलाओं-बच्चों के खिलाफ हो रहे हमलों का डटकर मुकाबला कर रही है। ऐसे हालात में किसी भी बाहरी देश की सैन्य भागीदारी अमेरिका के पक्ष में खड़ा होना माना जाएगा।

प्रवक्ता ने आगे कहा कि किसी भी संप्रभु और जिम्मेदार देश को अमेरिकी दबाव और धमकियों के आगे घुटने नहीं टेकने चाहिए तथा ईरानी जनता के खिलाफ हो रहे कृत्यों में शामिल होने से बचना चाहिए।

6 महीने से जारी है अमेरिका-ईरान युद्ध

गौरतलब है कि अमेरिका और इस्राइल के गठबंधन द्वारा ईरान पर हमले की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जिसे अब 6 महीने से अधिक का समय बीत चुका है। हाल ही में फारस की खाड़ी में तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब अमेरिका ने ईरान के 3 कच्चे तेल से भरे टैंकरों को निशाना बनाया। यह अमेरिकी कार्रवाई तब सामने आई थी जब ईरान ने अमेरिका के दो युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। इस युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर भारी संकट मंडरा रहा है।