मॉस्को में कानपुर के इंजीनियर हिरासत में, पत्नी ने PM मोदी से मांगी मदद

भारत और रूस के बीच गहरे कूटनीतिक संबंधों के बीच रूसी सेना में भारतीयों को जबरन भर्ती किए जाने का एक और गंभीर मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले एक इंजीनियर चंदन गुप्ता को रूस में सेना में शामिल होने के लिए मजबूर किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रूसी सेना में शामिल होने से इनकार करने पर उन्हें पकड़कर जेल में डाल दिया गया है। पीड़ित इंजीनियर की पत्नी स्नेहा गुप्ता ने मॉस्को से एक वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपने पति को सुरक्षित भारत वापस लाने की गुहार लगाई है।
नोएडा की कंपनी के वर्क वीजा पर गए थे रूस
वायरल वीडियो में कानपुर निवासी स्नेहा गुप्ता ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उनके पति चंदन गुप्ता पेशे से इंजीनियर हैं और नोएडा के सेक्टर-62 स्थित एक कंपनी में काम करते हैं। कंपनी ने उन्हें वैध वर्क वीजा देकर रूस भेजा था।
स्नेहा के मुताबिक, 6 सितंबर (रविवार) को दोपहर करीब 12:30 बजे मॉस्को पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और जेल में डाल दिया। उन पर रूसी सेना में शामिल होने का भारी दबाव बनाया जा रहा है। परिवार का कहना है कि चंदन ने कोई गुनाह नहीं किया है, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखकर रूसी सेना जॉइन करने के एवज में छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है।
भाषा की समस्या और भावुक अपील
पति की इस हालत से परेशान स्नेहा गुप्ता वीडियो में भावुक नजर आईं। उन्होंने बताया कि उन्हें रूसी भाषा नहीं आती है, जिसके कारण वे वहां के वकीलों और पुलिस अधिकारियों की बात ठीक से समझ नहीं पा रही हैं। उन्हें यह भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि उनके पति को किन औपचारिक कारणों से हिरासत में रखा गया है।
घर में 10 साल का बेटा भी पिता के जेल में होने के कारण बेहद सहमा हुआ है। स्नेहा ने गुहार लगाई है कि इस मुश्किल वक्त में उनकी कंपनी की तरफ से भी कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ से इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करने की अपील की है ताकि चंदन गुप्ता की सुरक्षित वतन वापसी सुनिश्चित हो सके।
इस पूरे मामले पर अभी तक भारतीय दूतावास या रूसी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे आरोपों की पुष्टि हो सके।
