सपा दफ्तर के बाहर ‘बजरंगबली अखिलेश के संग’ पोस्टर पर घमासान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश मुख्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस विवादित पोस्टर पर लिखा है— ‘एक ही पथ एक ही मंच, बजरंगबली अखिलेश के संग’। पोस्टर में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ भगवान बजरंगबली की तस्वीर भी लगाई गई है। इस होर्डिंग को सपा प्रमुख के ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ और सनातनी रुख से जोड़कर देखा जा रहा है, जिस पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ा ऐतराज जताया है। वहीं, सपा और कांग्रेस ने भी सत्ता पक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
बीजेपी का तीखा हमला: ‘अखिलेश दुविधा में हैं’
बीजेपी प्रवक्ता हीरो वाजपेयी ने इस पोस्टर पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव की राजनीति को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि उन्हें सनातन की राह पर चलना है या फिर तुष्टिकरण की राजनीति करनी है।”
बीजेपी प्रवक्ता ने अतीत का हवाला देते हुए तंज कसा कि जब कोई व्यथित और परेशान होता है तो उसे बजरंगबली याद आते हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “रामभक्तों पर गोली चलाने वालों पर बजरंगबली की गदा जरूर चलेगी।”
सपा का पलटवार: ‘बजरंगबली अन्याय के खिलाफ और कमजोरों के साथ’
बीजेपी के आरोपों का जवाब देते हुए सपा नेता मनोज काका ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता अखिलेश यादव को केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आत्मीयता से अपने अभिभावक के रूप में देखते हैं।
मनोज काका ने पोस्टर का बचाव करते हुए कहा कि भगवान बजरंगबली का विमर्श हमेशा अन्याय के खिलाफ और कमजोरों-वंचितों के साथ खड़े होने का रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस वक्त यूपी में योगी सरकार के संरक्षण में अन्याय चरम पर है और अपराधियों को बढ़ावा मिल रहा है। ऐसे दौर में अखिलेश यादव ही अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े हैं, इसलिए ईश्वर निश्चित रूप से समाजवादी पार्टी की विचारधारा के साथ हैं।
कांग्रेस भी कूदी विवाद में, रोजगार के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा
इस सियासी बहस में कांग्रेस भी समाजवादी पार्टी के समर्थन में उतर आई है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने बीजेपी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
-
मोदी के मंदिर का दिया हवाला: सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि जब बीजेपी समर्थक नरेंद्र मोदी का मंदिर बनाते हैं, उन्हें भगवान विष्णु का अवतार बताते हैं या बालस्वरूप राम को मोदी मंदिर ले जाते हैं, तब बीजेपी को कोई आपत्ति नहीं होती। लेकिन अगर कोई अखिलेश यादव को सम्मान देता है, तो बीजेपी को परेशानी होने लगती है।
-
रोजगार पर उठाए सवाल: कांग्रेस प्रवक्ता ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बीजेपी धर्म के नाम पर जनता को असल मुद्दों से भटकाना बंद करे। उन्होंने सरकार से Gen-Z को रोजगार देने, 69 हजार शिक्षक भर्ती विवाद को सुलझाने और खाली पड़े 13 लाख सरकारी पदों को भरने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने बुनियादी मुद्दों पर काम नहीं किया, तो आगामी चुनावों में जनता उन्हें सत्ता से बेदखल कर देगी।
