भागवत के US दौरे पर घमासान, पित्रोदा बोले- ‘अल्पसंख्यक डरे हुए हैं’

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क दौरे को लेकर संघ की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरएसएस की नीयत, ‘कॉकक्रोच जनता पार्टी’ (CJP) के उभार और देश की शिक्षा व्यवस्था पर अपनी बेबाक राय रखी है।
RSS पर पित्रोदा के बड़े आरोप
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अमेरिका में पहचान: पित्रोदा ने कहा कि अमेरिका में बहुत कम लोग RSS के बारे में जानते हैं, इसलिए भागवत के दौरे पर ध्यान दिया जा रहा है। लोग इसे एक ऐसे संगठन के रूप में जानते हैं जो भारत के हिंदू स्वरूप पर ज्यादा ध्यान देता है।
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कथनी और करनी में अंतर: उन्होंने दावा किया कि संघ की बातों और उनके जमीनी कामों में बहुत बड़ा अंतर है। किसी भी मुस्लिम, ईसाई या अल्पसंख्यक से बात करने पर पता चलेगा कि वे RSS की गतिविधियों से कितने डरे हुए हैं।
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NGO होने के दावे पर सवाल: RSS खुद को देश का सबसे बड़ा NGO बताता है, लेकिन पित्रोदा ने जमीनी हकीकत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 15 साल से सत्ता में रहने के बावजूद स्कूलों में मिड-डे मील में कीड़े मिल रहे हैं और राजस्थान में स्कूल पशुओं के बाड़े में चल रहे हैं।
CJP राजनीतिक दल नहीं, युवाओं का आंदोलन है
पित्रोदा ने हाल ही में चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) की तुलना आम आदमी पार्टी (AAP) के शुरुआती दिनों से करने पर भी स्थिति स्पष्ट की।
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AAP पहले दिन से ही एक पूर्ण राजनीतिक पार्टी थी।
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इसके उलट, CJP बिहार, यूपी और अन्य राज्यों के उन युवाओं का समूह है जो केवल बेहतर शिक्षा और हालातों की मांग कर रहे हैं।
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ये युवा न तो वोट मांग रहे हैं और न ही किसी राजनीतिक दल से अपनी पहचान जोड़ना चाहते हैं। जेनरेशन Z ने परीक्षाओं और शिक्षा में फैले भ्रष्टाचार को मजबूती से सामने रखा है।
राम राज्य और मुगलों की बहस को बताया बेकार
देश के विकास मॉडल पर चिंता जताते हुए सैम पित्रोदा ने कहा कि हम IT और AI में महाशक्ति बनने का सपना देखते हैं, लेकिन राम राज्य, अकबर और हुमायूं जैसी बेकार की बहसों में उलझे रहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें इतिहास में पीछे देखने के बजाय भविष्य की ओर देखना चाहिए और उन बुनियादी समस्याओं को हल करना चाहिए जिनकी देश को सख्त जरूरत है।
