अखिलेश यादव के खिलाफ लगे आपत्तिजनक पोस्टर, गुस्साए सपा नेताओं ने फाड़े

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बागपत: समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) प्रमुख जयंत चौधरी के बीच चल रही जुबानी जंग अब पोस्टर वार में बदल गई है। बागपत में दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे के पास अखिलेश यादव के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों वाले पोस्टर और बैनर लगाए गए। इन विवादित पोस्टरों की सूचना मिलते ही स्थानीय सपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। सपा नेताओं ने मौके पर पहुंचकर जमकर विरोध जताया और सभी बैनर फाड़ दिए।

रालोद समर्थकों पर आरोप, पुलिस से शिकायत की तैयारी

पोस्टर लगाए जाने की जानकारी मिलने के बाद सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान समेत कई अन्य पार्टी नेता हाईवे पर पहुंचे। बिल्लू प्रधान ने सीधा आरोप लगाया है कि रालोद समर्थकों ने जयंत चौधरी को लेकर अखिलेश यादव की ‘चवन्नी से रुपया’ वाली टिप्पणी से नाराज होकर ये बैनर लगाए हैं।

सपा नेताओं ने इस कृत्य पर सख्त ऐतराज जताते हुए पुलिस कार्रवाई की मांग की है। पूर्व जिलाध्यक्ष ने बताया कि बैनर लगाने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक (SP) को सुबह 11 बजे औपचारिक शिकायत दी जाएगी।

रालोद की सफाई- ‘हम ऐसी राजनीति नहीं करते’

सपा द्वारा लगाए गए आरोपों पर रालोद ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। रालोद के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने इन विवादित बैनरों से पार्टी का कोई भी संबंध होने से पूरी तरह इनकार किया है।

सुभाष गुर्जर ने कहा कि रालोद इस तरह की ओछी राजनीति नहीं करती और संगठन की ओर से ऐसे पोस्टर लगाने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जिसने भी ये आपत्तिजनक बैनर लगाए हैं, उसकी पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

‘चवन्नी से रुपया’ बयान से शुरू हुई थी तल्खी

यह पूरा विवाद अखिलेश यादव के उस हालिया बयान की पृष्ठभूमि में उपजा है, जिसमें उन्होंने रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी पर निशाना साधते हुए ‘चवन्नी से रुपया’ वाली टिप्पणी की थी। इस सियासी तंज के बाद से ही पश्चिमी यूपी में दोनों दलों के नेताओं और समर्थकों के बीच राजनीतिक तल्खी चरम पर है। अब हाईवे पर इस तरह के आपत्तिजनक पोस्टर लगाए जाने की घटना ने आग में घी का काम किया है, जिससे इलाके का सियासी माहौल और अधिक गरमा गया है।