UN प्रमुख गुटेरेस बोले- ‘महाशक्तियां अपनी ताकत की सीमाएं समझें’

Guterres
Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि दुनिया में महाशक्तियों के प्रभाव की सीमाएं अब पहले जैसी नहीं रह गई हैं। Financial Times को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों की वैश्विक ताकत और प्रभाव में बदलाव आया है और बड़ी शक्तियां हर स्थिति में अपनी इच्छा दूसरे देशों पर थोपने में सक्षम नहीं हैं।

गुटेरेस ने ईरान और यूक्रेन के युद्धों का उदाहरण देते हुए कहा कि हाल के घटनाक्रमों ने महाशक्तियों की शक्ति की सीमाओं को सामने ला दिया है। उनके मुताबिक, दुनिया एक ऐसे दौर में पहुंच रही है जहां पुराने पोस्ट-कोल्ड वॉर वैश्विक ढांचे में बदलाव दिखाई दे रहा है।

‘महाशक्तियों को अपनी ताकत की सीमाएं समझनी होंगी’

न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में Financial Times से बातचीत में गुटेरेस ने कहा, “It’s time for superpowers to understand the limits of their power.”

उन्होंने कहा कि हाल के घटनाक्रमों में महाशक्तियां कई परिस्थितियों में अपनी ताकत, इच्छा या सैन्य क्षमता के जरिए मनचाहा परिणाम हासिल करने में पूरी तरह सफल नहीं रही हैं।

गुटेरेस के मुताबिक, दुनिया में अलग-अलग देशों का वजन बदल चुका है। उन्होंने कहा कि महाशक्तियों को यह समझना होगा कि परिस्थितियां बदल गई हैं और अब वैश्विक शक्ति का संतुलन पहले जैसा नहीं है।

ईरान और यूक्रेन युद्ध का दिया उदाहरण

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने ईरान और यूक्रेन के युद्धों को बदलते भू-राजनीतिक समीकरण के संदर्भ में रखा। उन्होंने कहा कि सैन्य ताकत के इस्तेमाल से हर स्थिति में निर्णायक परिणाम हासिल नहीं किया जा सकता।

उनकी टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम एशिया और यूरोप में लंबे समय से जारी संघर्षों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ाया है।

गुटेरेस ने अपने बयान में किसी एक देश की सैन्य रणनीति का समर्थन करने के बजाय व्यापक वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव की ओर ध्यान दिलाया। उनका जोर इस बात पर था कि बड़ी शक्तियों की क्षमता की भी सीमाएं हैं।

बदलती वैश्विक व्यवस्था की ओर इशारा

गुटेरेस की टिप्पणी को एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय माहौल के संदर्भ में देखा जा रहा है जिसमें अमेरिका के नेतृत्व वाली पोस्ट-कोल्ड वॉर व्यवस्था को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।