राम मंदिर चढ़ावा चोरी: गोपनीय डायरी का दावा- ‘हमारे बीच कौन भेदिया है?’

अयोध्या: राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में चर्चित चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की कथित गोपनीय डायरी का विवरण सामने आने का दावा किया गया है। इसमें मंदिर प्रबंधन के भीतर किसी ‘भेदिए’ की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए गए हैं। डायरी में दर्ज एक टिप्पणी में पूछा गया है, “हमारे बीच में छिद्र कहां है, कौन भेदिया है?”
डायरी के विवरण में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव तक मंदिर परिसर से जुड़ी कथित गोपनीय जानकारी पहुंचने को लेकर भी सवाल दर्ज होने की बात कही गई है। इसमें 4 जून से शुरू हुए घटनाक्रम, लखनऊ में हुई बैठक, SIT जांच और मंदिर की बहुमूल्य भेंट-वस्तुओं के सत्यापन का क्रमवार उल्लेख बताया गया है।
हुंडी गणना कक्ष के शौचालय में मिली 2.25 लाख रुपये की नकदी
डायरी में दर्ज विवरण के अनुसार, 4 जून को दिल्ली-अयोध्या एक्सप्रेस से यात्रा के दौरान चंपत राय को कार्यकर्ता आनंद चौधरी का संदेश मिला। इसमें हुंडी गणना कक्ष के शौचालय में 2.25 लाख रुपये की नकदी मिलने की जानकारी दी गई थी।
इसके बाद 11 जून को लखनऊ में वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रचारकों की बैठक हुई। शुरुआती स्तर पर मामले की जांच हाईकोर्ट के तीन सेवानिवृत्त जजों की समिति से कराने पर चर्चा हुई। बाद में राज्य सरकार की विशेष जांच टीम यानी SIT से जांच कराने का फैसला लिया गया।
SIT जांच और ट्रस्टियों के फोन का मामला
डायरी में जांच के आगे बढ़ने से जुड़ी कई जानकारियां भी दर्ज होने की बात कही गई है। इसमें कहा गया है कि शुरुआत में कुछ ट्रस्टी SIT के फोन कॉल का जवाब नहीं दे रहे थे। इसके बाद सभी ट्रस्टियों के फोन नंबर जांच अधिकारियों को उपलब्ध कराए गए।
SIT की ओर से गोपाल राव से पूछताछ किए जाने का भी विवरण दर्ज है। मंदिर की 90 बहुमूल्य भेंट-वस्तुओं के भौतिक सत्यापन का जिक्र भी इसमें किया गया है। यह सत्यापन CA नरपत सिंह की मौजूदगी में तीन चरणों में पूरा होने की बात कही गई है।
डायरी में दर्ज ‘भेदिए’ वाले सवाल का संदर्भ भी इसी पूरे घटनाक्रम से जुड़ा बताया गया है। इसमें मंदिर प्रबंधन के भीतर की जानकारी बाहर पहुंचने को लेकर चिंता जाहिर की गई है।
2 सितंबर की ट्रस्ट बैठक पर टिकी नजर
इस मामले से जुड़े घटनाक्रम के बीच 2 सितंबर को प्रस्तावित ट्रस्ट बैठक भी चर्चा में है। चंपत राय की ट्रस्ट में दोबारा वापसी को लेकर अटकलें लगाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, उनकी वापसी को लेकर अंतिम फैसला बैठक में ही होगा।
ट्रस्ट डीड के संबंध में उपलब्ध कानूनी राय के अनुसार, इस्तीफा मंजूर होने के बाद किसी सदस्य की दोबारा नियुक्ति के लिए स्थायी सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की जरूरत हो सकती है। प्रस्ताव पारित होने की स्थिति में सदस्य के तौर पर वापसी संभव होने की बात कही गई है। तत्काल कोई पद मिलने की संभावना को लेकर भी अलग से सवाल बना हुआ है।
पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्र की वापसी की संभावना कम बताई गई है। वहीं चंपत राय को अयोध्या के साधु-संतों और कई ट्रस्टियों का समर्थन मिलने का दावा किया गया है। इनमें निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास का नाम भी शामिल है।
