आरक्षण विरोधी प्रदर्शन पर प्रकाश आंबेडकर का BJP-RSS -कांग्रेस पर वार

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बहुजन आघाडी प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधते हुए इसे तथाकथित उच्च जातियों के वर्चस्व को बनाए रखने की कोशिश बताया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन SC, ST और OBC के सामाजिक न्याय के खिलाफ है।
प्रकाश आंबेडकर संविधान निर्माता डॉ. बी.आर. आंबेडकर (बाबासाहेब) के पौत्र हैं।

बाबा साहेब के 25 नवंबर 1949 के भाषण का जिक्र
प्रकाश आंबेडकर ने अपने बयान में डॉ. बी. आर. आंबेडकर के 25 नवंबर 1949 को संविधान सभा में दिए गए भाषण का भी उल्लेख किया। उन्होंने जाति व्यवस्था और सामाजिक विभाजन से जुड़े बाबा साहेब के विचारों को मौजूदा प्रदर्शन के संदर्भ में रखा।
उन्होंने कहा कि जातियां सामाजिक जीवन को विभाजित करती हैं और समुदायों के बीच अलगाव, ईर्ष्या तथा द्वेष को बढ़ावा देती हैं। आंबेडकर ने इसी संदर्भ में जंतर-मंतर के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए।
‘बंधुत्व के बिना समानता और स्वतंत्रता अधूरी’
प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल राजनीतिक या संवैधानिक व्यवस्था तक सीमित नहीं है। इसके लिए सामाजिक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी एकता जरूरी है।
उन्होंने सामाजिक न्याय की नीतियों के खिलाफ होने वाले विरोध को इसी कसौटी पर परखा। उनके मुताबिक, जब SC, ST और OBC के सामाजिक न्याय से जुड़ी नीतियों का विरोध जातिगत पहचान और विशेषाधिकार के आधार पर किया जाता है, तो इससे सामाजिक बंधुत्व प्रभावित होता है।
आंबेडकर ने अपने पोस्ट में बंधुत्व को लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि जब तक बंधुत्व सामाजिक वास्तविकता नहीं बनता, तब तक समानता और स्वतंत्रता की स्थिति सतही बनी रहती है।
BJP-RSS पर लगाया राजनीतिक आयोजन का आरोप
पोस्ट के आखिर में प्रकाश आंबेडकर ने आरक्षण विरोधी प्रदर्शन को लेकर BJP और RSS पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन राजनीतिक तौर पर RSS और BJP द्वारा संगठित किया गया था।
आंबेडकर ने कांग्रेस नेतृत्व को भी निशाने पर लिया। उन्होंने प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इसे निंदनीय बताया। उनके अनुसार, सामाजिक न्याय के खिलाफ सवर्ण पहचान का खुला इस्तेमाल होने पर चुप रहना राजनीतिक मिलीभगत के बराबर है।
