जैश के बहावलपुर ठिकाने का फिर निर्माण? नई तस्वीरों से उठे सवाल

भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में निशाना बनाए गए जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित परिसर ‘मरकज सुभान अल्लाह’ को लेकर नई तस्वीरों ने फिर सवाल खड़े किए हैं। हालिया हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों में इस परिसर में दोबारा निर्माण होता दिखाई देने का दावा किया गया है। तस्वीरों में इमारत पहले की तुलना में काफी हद तक तैयार नजर आ रही है।
बहावलपुर में एन-5 राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित इस परिसर को 6 और 7 मई 2025 की रात भारत की ओर से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में निशाना बनाया गया था। हमले के बाद सामने आई तस्वीरों में इमारत को भारी नुकसान पहुंचा हुआ दिखाया गया था। अब सामने आई नई तस्वीरों में परिसर में निर्माण गतिविधियां और नए सिरे से तैयार किए गए हिस्से दिखाई देने की बात कही गई है।
बहावलपुर में फिर खड़ा हो रहा परिसर?
पंजाब प्रांत के बहावलपुर में स्थित ‘मरकज सुभान अल्लाह’ जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा प्रमुख परिसर है। नई तस्वीरों में इमारत के कुछ हिस्सों पर नया प्लास्टर और निर्माण सामग्री दिखाई देने का दावा किया गया है।
परिसर के गुम्बदों पर भी नए सिरे से काम किए जाने की बात कही गई है। नई और पुरानी तस्वीरों की तुलना में इमारत की स्थिति में बड़ा अंतर दिखाई देने का दावा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद की तस्वीरों में परिसर में मलबा और क्षतिग्रस्त ढांचा नजर आया था, जबकि नई तस्वीरों में निर्माण के बाद संरचना काफी हद तक साफ दिखाई देती है।
मार्च-अप्रैल 2026 के बीच पुराने ढांचे को हटाकर दोबारा निर्माण शुरू किए जाने की बात सामने आई थी।
ऑपरेशन सिंदूर में क्या हुआ था?
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 6 और 7 मई 2025 की रात ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। अभियान में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
इनमें बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद का परिसर और मुरीदके स्थित लश्कर-ए-तैयबा का ठिकाना शामिल था। अभियान में भारतीय वायुसेना की ओर से मिसाइल हमले किए गए।
मसूद अजहर के परिवार के मारे जाने का दावा
ऑपरेशन सिंदूर के बाद जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर ने बहावलपुर में अपने परिवार के सदस्यों और करीबी सहयोगियों के मारे जाने की बात स्वीकार की थी। उसके अनुसार, परिवार के 10 सदस्य और चार करीबी सहयोगी हमले में मारे गए थे।
इनमें उसकी बड़ी बहन, बहनोई, भतीजा-भतीजी और बच्चे शामिल थे।
