शारिक साठा के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस, दुबई में होने का दावा

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, हिंसा के मुख्य मास्टरमाइंड बताए जा रहे शारिक साठा के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी किया है। पुलिस का दावा है कि शारिक साठा फिलहाल दुबई में रह रहा है और उसके खिलाफ अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई का रास्ता खुल गया है।
संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के मुताबिक, शारिक साठा को अदालत की ओर से धारा 82-83 के तहत भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी पूरी हो चुकी है। अब उसे विदेश से भारत लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है।
CBI के जरिए इंटरपोल को भेजा गया डोजियर
पुलिस ने शारिक साठा से जुड़े आपराधिक मामलों और अन्य जानकारी का डोजियर तैयार कर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपा था। यूपी पुलिस ने CBI के जरिए इंटरपोल से उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था।
पुलिस के मुताबिक, CBI और इंटरपोल के बीच हुए कम्युनिकेशन के बाद अब नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद शारिक साठा को विदेश में तलाशने और संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता खुल गया है।
फर्जी पासपोर्ट से विदेश जाने का पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार, शारिक साठा फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश गया और फिलहाल दुबई में रह रहा है। पुलिस उसकी गतिविधियों और उससे जुड़े लोगों पर नजर रख रही है।
पुलिस का कहना है कि अब कोशिश उसे उस देश से गिरफ्तार कर भारत लाने की होगी, जहां वह मौजूद है। इसके लिए प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के मुताबिक, 24 नवंबर की संभल हिंसा से पहले भी शारिक साठा के खिलाफ करीब 55 से 60 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी है। पुलिस का कहना है कि भारत लाए जाने के बाद उसके खिलाफ दर्ज मामलों में कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
NCR और यूपी में आपराधिक गतिविधियों का आरोप
पुलिस के मुताबिक, शारिक साठा पर उत्तर प्रदेश और नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। पुलिस का दावा है कि विदेश में रहने के दौरान भी वह गाड़ियों की चोरी समेत संगठित आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा रहा।
इन आरोपों को लेकर पुलिस की ओर से उसके खिलाफ दर्ज मामलों और उसके आपराधिक रिकॉर्ड का डोजियर तैयार किया गया था, जिसे इंटरपोल की प्रक्रिया के लिए CBI के माध्यम से आगे भेजा गया।
24 नवंबर 2024 को संभल में भड़की थी हिंसा
संभल में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के कोर्ट के आदेश पर हो रहे सर्वे के दौरान तनाव बढ़ गया था। प्रदर्शनकारी स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प के बाद हिंसा हुई।
इस हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और हिंसा से जुड़े आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।
अब इसी मामले में पुलिस ने शारिक साठा के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने की जानकारी दी है।
क्या होता है रेड कॉर्नर नोटिस?
रेड कॉर्नर नोटिस इंटरपोल की ओर से सदस्य देशों की कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए जारी किया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय अनुरोध है। इसका उद्देश्य ऐसे व्यक्ति का पता लगाने और जरूरत पड़ने पर उसे अस्थायी रूप से हिरासत में लेने में सहयोग हासिल करना होता है, जिसे किसी देश ने मुकदमे या सजा के लिए वांछित घोषित किया हो।
हालांकि रेड कॉर्नर नोटिस अपने आप में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या प्रत्यर्पण का आदेश नहीं होता। संबंधित देश अपने कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई करता है।
