MP में आफत: 4 हजार से ज्यादा लोग रेस्क्यू, बरगी डैम के 13 गेट खुले

भोपाल: मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। नर्मदा, मंदाकिनी, अष्टभुजा और दूसरी नदियां उफान पर हैं। कई रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
रीवा, डिंडोरी, पन्ना, सतना, नरसिंहपुर और छतरपुर में बारिश और बाढ़ का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। हालात को देखते हुए मैहर और डिंडोरी में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। डिंडोरी में आंगनवाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने का फैसला लिया गया है।
रीवा में सबसे ज्यादा असर, 27 राहत शिविरों में करीब 3 हजार लोग
रीवा में बाढ़ की स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है। शुक्रवार तक जिले में 27 राहत शिविरों में करीब 3,000 लोगों को रखा गया था। प्रशासन के मुताबिक अब तक बाढ़ प्रभावित इलाकों से 4,000 से ज्यादा लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
राजस्व विभाग, पुलिस और राहत-बचाव दल प्रभावित इलाकों में तैनात हैं। पानी बढ़ने वाले इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है।
रीवा में कई जगह घरों में पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बरगी डैम के सभी 13 गेट खुले
जबलपुर में बारिश के बाद बरगी बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिसके बाद बांध के सभी 13 गेट खोल दिए गए हैं।
शुक्रवार सुबह 8 बजे बांध का जलस्तर 421.50 मीटर दर्ज किया गया। लाइव स्टोरेज 2,870 एमसीएम यानी करीब 90.25 फीसदी पहुंच गया था। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए सभी 13 गेट औसतन 2.15 मीटर तक खोले गए।
गेटों से करीब 3,988 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा था। इसके अलावा आरबीपीएच से 208, सीएचपीएच से 19, एलबीएमसी से 2 और आरबीएमसी से 20 क्यूमेक पानी छोड़ा गया। बांध से कुल डिस्चार्ज 4,237 क्यूमेक रहा, जबकि नर्मदा नदी में करीब 4,196 क्यूमेक पानी पहुंच रहा था।
नरसिंहपुर में नर्मदा उफान पर, पुल डूबा
बरगी बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नरसिंहपुर में नर्मदा का जलस्तर भी बढ़ रहा है। बरमान में सीढ़ी घाट और रेत घाट को जोड़ने वाला पुल पानी में डूब गया है।
गुरुवार रात से लगातार बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मऊगंज में अष्टभुजा नदी का पानी गांव तक पहुंचा
मऊगंज में अष्टभुजा नदी उफान पर है। नदी का पानी नैगढ़ी गांव तक पहुंच गया। इस दौरान अमृत योजना के तहत निर्माण कार्य में लगे चार मजदूर फंस गए।
रेस्क्यू के दौरान एक मजदूर के तेज बहाव में बह जाने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन और बचाव दल उसकी तलाश में जुटे हैं।
डिंडोरी-मंडला हाईवे बंद, स्कूलों में छुट्टी
डिंडोरी में खेरमेर नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद डिंडोरी-मंडला स्टेट हाईवे पर आवाजाही रोक दी गई है। पुल के ऊपर से पानी बह रहा है।
एहतियात के तौर पर जिले में 12वीं तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने का फैसला लिया गया है।
पन्ना में भी स्कूल बंद किए गए हैं। वहीं चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी बाजार तक पहुंच गया है। सुरक्षा कारणों से गोदावरी गुफाओं को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।
25 अगस्त तक बारिश से राहत के आसार कम
मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश में 25 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना ज्यादा है। इसके बाद बारिश की गतिविधियां मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मध्य प्रदेश और आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र तथा मॉनसून ट्रफ की वजह से बारिश का यह दौर बना हुआ है।
MP में अब तक 599 मिमी बारिश
मध्य प्रदेश में अब तक 599 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 675.1 मिलीमीटर मानी जाती है। इस हिसाब से राज्य में अब तक करीब 11 फीसदी कम बारिश हुई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बारिश सामान्य से 11 फीसदी कम है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
यानी राज्य के औसत आंकड़े भले ही बारिश की कमी दिखा रहे हों, लेकिन बारिश का वितरण असमान है। कुछ इलाकों में कमी बनी हुई है तो पूर्वी जिलों में लगातार तेज बारिश ने बाढ़ और जलभराव की स्थिति पैदा कर दी है। यही इस वक्त मध्य प्रदेश के मौसम की सबसे बड़ी विडंबना है: कहीं बारिश का इंतजार है, तो कहीं वही पानी आफत बन चुका है।
