JPSC की 22 परीक्षाएं रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं और उनके आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। इससे उन अभ्यर्थियों को तत्काल राहत मिली है, जिनकी परीक्षा या नियुक्ति सरकार के फैसले से प्रभावित हो रही थी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने मंगलवार, 18 अगस्त को अधिसूचना जारी कर JPSC और एक बाहरी एजेंसी के जरिए आयोजित 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी थीं। इसके अलावा 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए गए थे।
अभ्यर्थियों ने फैसले को दी चुनौती
सरकार के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षाएं और उनके आधार पर हुई नियुक्तियां रद्द करने से पहले उनका पक्ष नहीं सुना गया। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, बड़ी संख्या में अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकारी सेवा में योगदान भी दे चुके हैं।
ऐसे में परीक्षा और नियुक्ति रद्द करने के फैसले का सीधा असर उनकी नौकरी पर पड़ सकता है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से सरकार के आदेश में हस्तक्षेप की मांग की।
‘दोषी मिले तो कार्रवाई हो, सभी को क्यों हटाएं?’
याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि यदि किसी भर्ती परीक्षा में अनियमितता हुई है और जांच में किसी अभ्यर्थी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
लेकिन सभी सफल अभ्यर्थियों को बिना व्यक्तिगत जांच और सुनवाई के नौकरी से हटाना उचित नहीं है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा दी, मेरिट में स्थान हासिल किया और उसके बाद नियुक्ति प्राप्त की।
सरकार ने 22 परीक्षाएं की थीं रद्द
राज्य सरकार की 18 अगस्त की अधिसूचना के मुताबिक, JPSC और बाहरी एजेंसी की ओर से आयोजित 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द किया गया था। इसके साथ ही 23 अन्य परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखा गया।
सरकार के इस कदम के पीछे भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़े सवालों को बताया गया है। हालांकि, हाईकोर्ट की ओर से सरकार के आदेश पर रोक लगाए जाने के बाद अब इस पूरे मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
“मामले की अगली सुनवाई में सरकार के आदेश और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर अदालत का रुख अहम रहेगा।”
