गाजा में इजरायली एयरस्ट्राइक, 9 की मौत; हमास की चेतावनी

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

गाजा सिटी: मध्य गाजा सिटी में बुधवार को एक पुलिस स्टेशन पर हुए इजरायली हवाई हमले में कम से कम नौ फिलिस्तीनियों की मौत हो गई और 15 से अधिक लोग घायल बताए गए हैं। मृतकों में पुलिसकर्मियों और बच्चों के शामिल होने की बात कही गई है। हमास के राजनीतिक नेता और मुख्य वार्ताकार खलील अल-हय्या ने हमले की निंदा करते हुए मध्यस्थ देशों और सीजफायर के गारंटरों से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।

बुधवार शाम जारी बयान में अल-हय्या ने कहा कि लगातार हो रहे इजरायली हमले संकेत देते हैं कि तेल अवीव कूटनीतिक प्रयासों, मध्यस्थता और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय गारंटियों की परवाह किए बिना अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखे हुए है। उन्होंने मध्यस्थों और गारंटर देशों से इजरायल पर तत्काल अंतरराष्ट्रीय दबाव डालने की मांग की, ताकि हमले रोके जा सकें।

सीजफायर समझौते पर बढ़ा दबाव

अल-हय्या ने चेतावनी दी कि लगातार बढ़ता सैन्य तनाव गाजा सीजफायर समझौते के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि तत्काल हस्तक्षेप से समझौते के टूटने और दोबारा व्यापक संघर्ष शुरू होने की स्थिति को टाला जा सकता है।

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब सीजफायर को आगे बढ़ाने और उसके अगले चरणों को लेकर मध्यस्थों तथा संबंधित पक्षों के बीच बातचीत चल रही है। हमास का कहना है कि ताजा सैन्य कार्रवाई इस प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।

हमास ने हमले को बताया ‘सीजफायर कमजोर करने की कोशिश’

हमास ने इससे पहले पुलिस स्टेशन पर हमले को “युद्ध अपराध” बताते हुए आरोप लगाया था कि यह सीजफायर समझौते को कमजोर करने की कोशिश का हिस्सा है। संगठन ने कहा कि हमला मध्यस्थों, गारंटर देशों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पश्चिम एशिया मामलों के दूत जेरेड कुशनर के साथ हुई लंबी बातचीत के बाद हुआ।

हमास ने इजरायली सेना के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें हमले में उसके नेताओं को निशाना बनाए जाने की बात कही गई थी। संगठन ने इस दावे को भ्रामक बताते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल नागरिक पुलिस व्यवस्था और आम लोगों पर सीधे हमले को उचित ठहराने के लिए किया जा रहा है।

पुलिस और नागरिक ढांचे को लेकर हमास का आरोप

हमास ने आरोप लगाया कि गाजा में नागरिक सुरक्षा और पुलिस सेवाओं को लगातार निशाना बनाए जाने से क्षेत्र में अस्थिरता और अराजकता बढ़ सकती है। संगठन का दावा है कि ऐसी कार्रवाई गाजा में सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर करती है और जबरन विस्थापन की योजनाओं को बढ़ावा देती है।

सीजफायर के बाद भी जारी है हिंसा

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले अक्टूबर में सीजफायर लागू होने के बाद से इजरायली उल्लंघनों में कम से कम 1,270 फिलिस्तीनियों की मौत और 4,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

मंत्रालय के मुताबिक, गाजा में इजरायली सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से कुल फिलिस्तीनी मौतों का आंकड़ा 73,400 से अधिक हो गया है, जबकि घायलों की संख्या 1,74,335 बताई गई है।

ताजा हमले ने सीजफायर के अगले चरण को लेकर चल रही बातचीत के बीच तनाव और बढ़ा दिया है। अब मध्यस्थों के सामने सबसे बड़ी चुनौती समझौते को टूटने से बचाने की है।