गाजा हमले पर यमन का फूटा गुस्सा, अरब देशों पर ‘साथ देने’ का आरोप

सना/गाजा: गाजा में एक कैफे पर हुए इजरायली ड्रोन हमले को लेकर यमन के विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि इजरायल की कार्रवाई जारी रहने के पीछे कुछ अरब देशों की निष्क्रियता और मिलीभगत भी जिम्मेदार है। यमनी मंत्रालय ने कहा कि ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
यमन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, गाजा सिटी के बंदरगाह क्षेत्र में मंगलवार को एक भीड़भाड़ वाले कैफे को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले में छह फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था। मंत्रालय ने कहा कि हमले में 12 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
यमन ने अरब देशों पर साधा निशाना
यमनी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इजरायली हमले गाजा में जारी हिंसा के रिकॉर्ड में एक और गंभीर घटना जोड़ते हैं। मंत्रालय का आरोप है कि कुछ अरब सरकारों और क्षेत्र के कुछ राजनीतिक दलों की निष्क्रियता ने इजरायल को कार्रवाई जारी रखने की गुंजाइश दी है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि केवल बयान जारी कर हमलों की निंदा करने से फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा नहीं रुकेगी। उसके मुताबिक, इजरायल को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
बयान में अमेरिका पर भी तीखा हमला किया गया। यमनी मंत्रालय ने आरोप लगाया कि वॉशिंगटन इजरायल को लगातार राजनीतिक समर्थन और संरक्षण देता रहा है।
अमेरिका और युद्धविराम पर भी सवाल
यमनी विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि गाजा कैफे पर हमला ऐसे समय हुआ जब डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और पश्चिम एशिया से जुड़े अमेरिकी दूत जारेड कुशनर तथा इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच लंबी बातचीत हुई थी।
मंत्रालय के मुताबिक, उस समय अमेरिका और मध्यस्थ देशों से यह उम्मीद की जा रही थी कि वे इजरायल पर गाजा युद्धविराम समझौते की शर्तों को लागू करने के लिए दबाव डालेंगे।
गाजा में मृतकों का आंकड़ा बढ़ा
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में इजरायली हमलों में सात और फिलिस्तीनी मारे गए तथा 23 घायल हुए। मंत्रालय के अनुसार, अक्टूबर 2023 से जारी इजरायली सैन्य अभियान में गाजा में मरने वालों की संख्या 73,400 से अधिक हो गई है, जबकि 1,74,335 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
मंत्रालय का कहना है कि कई पीड़ित अब भी मलबे और सड़कों पर फंसे हुए हैं तथा एंबुलेंस और नागरिक सुरक्षा दल कई जगहों तक पहुंचने में असमर्थ हैं।
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी दावा किया कि अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के बाद से इजरायली सेना की गोलीबारी और गोलाबारी में कम से कम 1,270 फिलिस्तीनी मारे गए और 4,220 से ज्यादा घायल हुए हैं।
युद्धविराम के बीच जारी हिंसा
यमनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि कैफे पर हमला युद्धविराम के बावजूद गाजा में जारी हिंसा का हिस्सा है और उसने इजरायल पर समझौते की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
