फिलिस्तीनी कैदियों को फांसी? बेन-ग्विर ने दिखाई निर्माणाधीन बिल्डिंग

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शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

यरुशलम: इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने एक निर्माणाधीन परिसर का वीडियो साझा करते हुए दावा किया है कि इसका इस्तेमाल फिलिस्तीनी कैदियों को फांसी देने के लिए किया जाएगा। उन्होंने इसे फिलिस्तीनियों के लिए मृत्युदंड लागू करने की अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा होने की दिशा में कदम बताया है।

इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए वीडियो में बेन-ग्विर ने निर्माणाधीन स्थल की ओर इशारा करते हुए कहा कि यहां “आतंकवादियों को फांसी दी जाएगी।” उन्होंने यह भी दावा किया कि परिसर में ऐसे देखने के कक्ष होंगे, जहां अपराधों के पीड़ित फिलिस्तीनी कैदियों को फांसी दिए जाते हुए देख सकेंगे।

बेन-ग्विर का दावा, ‘वादा पूरा कर रहे’

बेन-ग्विर ने अपने बयान में उन लोगों पर भी निशाना साधा, जिन्होंने फिलिस्तीनियों को मृत्युदंड देने की उनकी मांग का मजाक उड़ाया था। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उनके प्रस्ताव पर हंसी उड़ाई थी, वे अब देख सकते हैं कि इस दिशा में निर्माण शुरू हो चुका है।

बेन-ग्विर के कार्यालय के मुताबिक, परिसर का पहला हिस्सा मृत्युदंड पाए फिलिस्तीनी कैदियों के लिए निर्धारित किया जा रहा है। इसमें फांसी देने के लिए एक विशेष कक्ष भी शामिल होगा।

Knesset के कानून के बाद बढ़ा मृत्युदंड पर विवाद

बेन-ग्विर की घोषणा ऐसे समय हुई है जब इजरायल की संसद Knesset ने मार्च में ऐसा कानून पारित किया था, जिसके तहत सैन्य अदालत से इजरायलियों की हत्या के दोषी ठहराए गए फिलिस्तीनियों को मृत्युदंड दिया जा सकता है।

आलोचकों ने कानून को भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा है कि इसका प्रावधान विशेष रूप से फिलिस्तीनी दोषियों को निशाना बनाता है। जबकि हत्या के दोषी इजरायली नागरिकों के लिए इसी तरह का प्रावधान लागू नहीं किया गया है।

फिलिस्तीनी कैदी संगठन ने जताया कड़ा विरोध

Palestinian Prisoner Society के प्रमुख अब्दुल्ला अल-जघारी ने इस कदम की आलोचना की है। उन्होंने इसे फिलिस्तीनी कैदियों के खिलाफ इजरायली नीतियों को कानून और व्यवहार में बदलने की दिशा में खतरनाक कदम बताया।

अल-जघारी ने आरोप लगाया कि फिलिस्तीनी कैदियों को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है और उनके साथ हत्या तथा यातना जैसी कार्रवाइयां की जा रही हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निष्क्रियता को भी जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने प्रस्तावित फांसी को “मानवता के खिलाफ अपराध” बताया है।

इजरायली जेलों में कितने फिलिस्तीनी कैदी?

फिलिस्तीनी आंकड़ों के मुताबिक, करीब 9,400 फिलिस्तीनी इस समय इजरायली जेलों में बंद हैं। इनमें 92 महिलाएं और 370 से ज्यादा बच्चे शामिल बताए जाते हैं।

इन्हीं आंकड़ों के अनुसार, करीब 3,244 लोग प्रशासनिक हिरासत में हैं, जबकि 1,320 कैदियों को इजरायल की ओर से “unlawful combatants” की श्रेणी में रखा गया है।