‘मां-बाप, बहन-बेटी को राजनीति में खींचना गलत’, प्रियंका चतुर्वेदी ने दी नसीहत

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर सियासी बवाल जारी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दल लगातार कांग्रेस पर हमलावर हैं। इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने दोनों पक्षों को नसीहत दी है। उन्होंने नेताओं से अपनी भाषा पर संयम रखने और परिवार के सदस्यों को राजनीति से दूर रखने की अपील की है।
राजनीति में गिरता भाषा का स्तर और भटकाव
समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत में प्रियंका चतुर्वेदी ने मौजूदा राजनीतिक बयानबाजी पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि राजनीति में सभी की भाषा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
यूबीटी नेता ने महंगाई, भ्रष्टाचार, वोट चोरी और युवाओं की समस्याओं को देश के असल और ज्वलंत मुद्दे बताया। चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में इन अहम मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है और इस तरह के उल्टे-सीधे बयान केवल जनता का ध्यान भटकाने का काम कर रहे हैं।
‘परिवार का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं’
सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों को आड़े हाथों लेते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को अपनी भाषा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा, “मां-बाप, बहन-बेटी, बच्चों को राजनीति में खींचना सरासर गलत है। इनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।” चतुर्वेदी ने उम्मीद जताई कि सभी नेता संयम के दायरे में रहकर अपनी बात रखेंगे।
कैसे शुरू हुआ था ‘बाप’ वाला विवाद?
यह पूरा विवाद रविवार (25 अक्टूबर) को बिहार की राजधानी पटना से शुरू हुआ था। अवसर था बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती का। इस कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खरगे मंच से भाषण दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को अंजाम देने वालों को जेल भेजेगी। इसी दौरान दर्शकों के बीच से एक व्यक्ति ने बीच में टोकते हुए चिल्लाकर कहा कि “मोदी कहीं नहीं जाएंगे।” इसके जवाब में खरगे ने मंच से कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इसी बयान के बाद से भाजपा ने कांग्रेस और खरगे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

