JPSC-JSSC Paper Leak: राहुल-तेजस्वी पर भी भड़के छात्र

रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन रविवार को 23वें दिन भी जारी रहा। ‘JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच’ के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने फिर विरोध मार्च निकाला और फिरायालाल चौक पर पुतला दहन किया।
इस बार प्रदर्शन का निशाना सिर्फ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नहीं थे। छात्रों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव के खिलाफ भी नारे लगाए और तीनों नेताओं के पुतले फूंके।
प्रदर्शनकारियों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सरकार के रवैये को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। छात्रों ने साफ किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से क्यों नाराज हैं छात्र?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की नाराजगी का एक कारण कांग्रेस और राजद की राज्य सरकार में भूमिका भी है। झारखंड में झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार में कांग्रेस और राजद सहयोगी हैं। ऐसे में आंदोलनकारियों का कहना है कि गठबंधन के घटक दल छात्रों की समस्याओं पर सरकार से जवाब मांगें।
छात्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने पहले आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाकात की थी और उनकी बात सुनी थी। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उस बातचीत के बाद उन्हें उम्मीद थी कि उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस पहल होगी, लेकिन कई दिन गुजरने के बावजूद स्थिति में बदलाव नहीं आया।
इसी वजह से रविवार के प्रदर्शन में राहुल गांधी भी छात्रों के निशाने पर रहे।
तेजस्वी यादव को लेकर छात्रों की आपत्ति अलग है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिहार में परीक्षा और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर तेजस्वी यादव सवाल उठाते हैं, लेकिन झारखंड में गठबंधन सरकार से जुड़े इसी तरह के आरोपों पर उनका रुख उतना मुखर नहीं रहा।
यह आरोप प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से लगाए गए हैं। राहुल गांधी या तेजस्वी यादव की ओर से इस प्रदर्शन और लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया की जानकारी इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
20 अगस्त को सीएम आवास घेरने का ऐलान
छात्रों ने अब आंदोलन को अगले चरण में ले जाने की घोषणा की है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव किया जाएगा।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। छात्रों ने सरकार पर उनके मुद्दे को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया है।
‘JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच’ से जुड़े नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि 20 अगस्त के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों के पहुंचने की अपील की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
‘राहुल गांधी समर्थन वापस लें’
प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी को लेकर भी अपनी मांग रखी है। उनका कहना है कि अगर मुख्यमंत्री उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं तो राहुल गांधी को झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन से समर्थन वापस लेना चाहिए।
यह मांग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि छात्र अब अपने विरोध को सिर्फ राज्य सरकार तक सीमित नहीं रख रहे हैं। वे गठबंधन में शामिल कांग्रेस और राजद नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं।
शनिवार को छात्रों ने भर्ती परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार की मांग को लेकर रांची में तिरंगा यात्रा भी निकाली थी। प्रदर्शन के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगाए गए।
छात्रों का आंदोलन अब राजनीतिक गठबंधन के खिलाफ भी
JPSC-JSSC विवाद में छात्रों का आंदोलन अब केवल परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी मांगों तक सीमित नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बाद कांग्रेस और राजद के शीर्ष नेताओं को निशाने पर लिया जाना इसका संकेत है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और परीक्षा प्रणाली में ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिससे अभ्यर्थियों को भविष्य में इस तरह की शिकायतों का सामना न करना पड़े।
अब आंदोलन की अगली बड़ी परीक्षा 20 अगस्त को होगी। छात्रों ने उस दिन मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है। सरकार इस प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर क्या कदम उठाती है और छात्रों की मांगों पर उसका अगला रुख क्या रहता है, इसी पर आंदोलन की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।
