बरजानी के दफ्तर पर ड्रोन बरसे, ईरान पर आरोप और ‘फॉल्स फ्लैग’ का पलटवार

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अजमल शाह
अजमल शाह

इराकी कुर्दिस्तान में दो ड्रोन हमलों ने ईरान और उसके पड़ोसी कुर्द क्षेत्र के बीच एक नया तनाव पैदा कर दिया है। एरबिल में कुर्दिस्तान क्षेत्र के प्रधानमंत्री मसूद बरजानी के कार्यालय और सुरक्षा एजेंसी प्रमुख के आवास को निशाना बनाए जाने के बाद ईरान ने हमले की निंदा की है, लेकिन साथ ही हमले के पीछे ईरानी हाथ होने के दावे को खारिज कर दिया। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसे पड़ोसी देशों के बीच दरार पैदा करने वाली संभावित ‘फॉल्स फ्लैग’ कार्रवाई से जोड़ते हुए कुर्द अधिकारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

एरबिल में दो ड्रोन हमले

सोमवार को पिरमाम इलाके में दो विस्फोटक लदे ड्रोन से हमले की खबर सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक एक ड्रोन ने कुर्दिस्तान क्षेत्र के प्रधानमंत्री मसूद बरजानी के निजी कार्यालय को निशाना बनाया, जबकि दूसरा सुरक्षा और खुफिया एजेंसी के प्रमुख के आवास की ओर भेजा गया। हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

हमले के बाद सबसे बड़ा सवाल ड्रोन के स्रोत को लेकर उठा। कुर्दिस्तान क्षेत्र की आतंकवाद निरोधक सेवा ने दावा किया कि ड्रोन ईरानी क्षेत्र से लॉन्च किए गए थे। ईरान ने इस आरोप को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।

ईरान ने आरोप ठुकराया

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि बरजानी के कार्यालय पर हमले को सही ठहराने वाला कोई कारण नहीं है। उन्होंने कुर्द नेतृत्व को उन संभावित साजिशों से सावधान रहने को कहा जिनका उद्देश्य पड़ोसी देशों के बीच तनाव पैदा करना हो सकता है।

अराघची ने ईरान और इराकी कुर्दिस्तान के संबंधों का हवाला देते हुए कहा कि ईरान ने अतीत में सद्दाम हुसैन और दाएश के खिलाफ कुर्दों का समर्थन किया था और ईरान की सीमा पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए कुर्द क्षेत्र के प्रयासों को भी स्वीकार किया।

यह बयान महत्वपूर्ण है क्योंकि ईरान इस हमले को केवल एक स्थानीय सुरक्षा घटना के रूप में नहीं देख रहा। तेहरान की प्रतिक्रिया में इस बात पर जोर है कि घटना का इस्तेमाल ईरान और कुर्दिस्तान क्षेत्र के बीच अविश्वास पैदा करने के लिए किया जा सकता है।

तेहरान का ‘फॉल्स फ्लैग’ दावा

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने हमले को ‘बेहद संदिग्ध घटनाक्रम’ बताया। उन्होंने कहा कि ईरान को आशंका है कि हमले को इस तरह अंजाम दिया गया हो सकता है जिससे इसका आरोप इस्लामिक रिपब्लिक पर लगाया जा सके।

लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण पत्रकारिता संबंधी सावधानी जरूरी है। ‘फॉल्स फ्लैग’ ऑपरेशन ईरान का आरोप है, स्थापित तथ्य नहीं। उपलब्ध जानकारी में अभी ऐसा स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे यह निश्चित रूप से कहा जा सके कि हमला किसने किया और ड्रोन वास्तव में कहां से लॉन्च हुए।

अराघची ने इराकी विदेश मंत्री से बात की

हमले के बाद अराघची ने इराकी विदेश मंत्री फुआद हुसैन से फोन पर बातचीत भी की। उन्होंने हमले पर हैरानी जताई और कहा कि उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है जिससे यह साबित हो कि ड्रोन ईरानी क्षेत्र से उड़ाए गए थे।

अराघची ने ईरानी सरकार और कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार के बीच संबंधों को मजबूत बताया। उन्होंने विशेष रूप से कुर्दिस्तान के प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ तेहरान के संबंधों का उल्लेख किया और कहा कि ईरान अपनी स्थिति को स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक बयान जारी करेगा।

सीमा और सुरक्षा का सवाल

इस घटनाक्रम का महत्व सिर्फ इसलिए नहीं है कि हमला एक वरिष्ठ कुर्द नेता से जुड़े ठिकाने पर हुआ। ईरान और इराकी कुर्दिस्तान की लंबी सीमा और क्षेत्र में मौजूद अलग-अलग राजनीतिक तथा सशस्त्र समूहों के कारण किसी भी ड्रोन हमले की जिम्मेदारी को लेकर विवाद तेजी से क्षेत्रीय मुद्दा बन सकता है।

कुर्दिस्तान क्षेत्र पहले भी ईरान की सुरक्षा चिंताओं के केंद्र में रहा है। तेहरान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि ईरान विरोधी कुर्द संगठन इराकी कुर्दिस्तान के इलाके का इस्तेमाल करते हैं। दूसरी ओर, कुर्द नेतृत्व ने अपनी सुरक्षा और राजनीतिक स्वायत्तता के सवालों को अलग संदर्भ में देखा है। ऐसे माहौल में किसी हमले की जिम्मेदारी तय करना केवल तकनीकी जांच का विषय नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा असर सीमा-पार संबंधों पर पड़ सकता है।