‘वंदे मातरम्’ पर घिरी कांग्रेस? अमित शाह ने सोनिया गांधी से मांगी माफी
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रगीत के गायन के दौरान सोनिया गांधी ने इसे रोकने के लिए कहा था। शाह ने इस कथित घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस और सोनिया गांधी से देश की जनता से माफी मांगने को कहा।
अमित शाह के बयान के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ गाया जा रहा था। उनका दावा है कि इसी दौरान सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से इसे रोकने के लिए कहा। शाह ने कहा कि यह घटनाक्रम टेलीविजन पर देश ने देखा है।
हालांकि, इस पूरे विवाद में कांग्रेस का पक्ष अलग है। पार्टी की ओर से सफाई दी गई कि सोनिया गांधी ‘वंदे मातरम्’ को रोकने के लिए नहीं कह रही थीं, बल्कि वह मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं। इस स्पष्टीकरण के बावजूद राजनीतिक विवाद जारी है।
अमित शाह ने क्या कहा
चित्तौड़गढ़ में अमित शाह ने कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ जैसे राष्ट्रगीत को अधूरा छोड़ने की बात कोई व्यक्ति सोच भी कैसे सकता है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मामले पर उन्हें शर्म आनी चाहिए।
शाह ने सोनिया गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि देश की जनता ने पूरा घटनाक्रम देखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के लिए कांग्रेस को देश की जनता और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर आत्मा से माफी मांगनी चाहिए।
शाह का यह बयान सीधे तौर पर कांग्रेस नेतृत्व को निशाने पर रखता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।
कांग्रेस की सफाई क्या है
विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस की ओर से अलग तस्वीर पेश की गई। पार्टी ने कहा कि सोनिया गांधी ‘वंदे मातरम्’ को रुकवाने की कोशिश नहीं कर रही थीं। कांग्रेस के मुताबिक, वह केवल पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं।
यही सफाई अब पूरे विवाद का दूसरा प्रमुख पक्ष है। एक तरफ अमित शाह और भाजपा नेताओं की ओर से इसे राष्ट्रगीत के अपमान से जोड़कर सवाल उठाया जा रहा है, वहीं कांग्रेस इसे अलग घटनाक्रम बताते हुए सोनिया गांधी के इरादे को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज कर रही है।
भाजपा नेताओं ने भी घेरा
इस मुद्दे पर भाजपा के दूसरे नेताओं ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं के अनुरूप यह पहला स्वतंत्रता दिवस है, जब ‘वंदे मातरम्’ को पूरी तरह गाया गया है।
भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर दावा किया कि ‘वंदे मातरम्’ की शुरुआती पंक्तियां गाए जाने के बाद सोनिया गांधी असहज हुईं और उन्होंने इसे पूरा बजाने के बजाय रुकवाने के लिए कहा। मालवीय ने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी ने इसे खत्म करने का इशारा किया।
ये दावे भाजपा नेताओं की ओर से किए गए हैं। उपलब्ध सामग्री में कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी या राहुल गांधी के बारे में इन आरोपों की अलग-अलग पुष्टि नहीं दी गई है।
विवाद अब राजनीतिक मुद्दा
‘वंदे मातरम्’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बन गया है। अमित शाह ने इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़ते हुए कांग्रेस से माफी की मांग की है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि सोनिया गांधी का उद्देश्य राष्ट्रगीत को रोकना नहीं था।
इसलिए फिलहाल विवाद का केंद्र यह है कि कांग्रेस मुख्यालय में उस समय वास्तव में क्या हुआ था और सोनिया गांधी की कथित टिप्पणी या इशारे का आशय क्या था। राजनीतिक बयानबाजी में दोनों पक्ष अपने-अपने दावे रख रहे हैं, लेकिन उपलब्ध सामग्री में घटना की स्वतंत्र पुष्टि का विवरण मौजूद नहीं है।
अमित शाह के हमले के बाद साफ है कि भाजपा इस मुद्दे को कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक और भावनात्मक मुद्दे के तौर पर उठा रही है। दूसरी ओर कांग्रेस का स्पष्टीकरण विवाद में अपने पक्ष को स्पष्ट करने की कोशिश है। अब इस मामले में आगे की राजनीतिक प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि ‘वंदे मातरम्’ का यह विवाद कितना बड़ा सियासी मुद्दा बनता है।
