रक्षाबंधन से पहले हापुड़ में बड़ी छापेमारी, 7 कुंतल मावा नष्ट

हापुड़: रक्षाबंधन से पहले मिलावटी मिठाइयों और खोया-मावा की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने धौलाना तहसील क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। शुक्रवार को सहायक आयुक्त खाद्य चंद्रशेखर मिश्र के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सोलाना-लालपुर क्षेत्र में तीन खोया निर्माण इकाइयों पर एक साथ छापेमारी की।
जांच के दौरान करीब सात कुंतल मावा संदिग्ध पाए जाने पर जब्त कर मौके पर नष्ट कराया गया। विभाग के मुताबिक इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.75 लाख रुपये है। इसके अलावा 268 किलो वनस्पति और 510 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर (SMP) भी सीज किया गया। इन दोनों की अनुमानित कीमत करीब 2.32 लाख रुपये बताई गई है।
तीन खोया निर्माण इकाइयों पर छापेमारी
आयुक्त के आदेश और जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस बल के साथ पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने लालपुर-सोलाना निवासी शाहरुख, सोलाना निवासी प्रदीप कुमार सिंह और मोमिना की खोया निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया।
सबसे पहले शाहरुख की इकाई की जांच की गई। यहां से मावा के दो, एसएमपी का एक और वनस्पति का एक नमूना लिया गया। मौके पर मौजूद करीब सात कुंतल मावे को विभाग ने संदिग्ध मानते हुए जब्त किया और नियमानुसार नष्ट करा दिया।
विभाग के अनुसार नष्ट किए गए मावे की कीमत करीब 1.75 लाख रुपये आंकी गई है।
268 किलो वनस्पति और 510 किलो SMP सीज
मोमिना की इकाई की जांच के दौरान भी टीम को बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री मिली। यहां से रिफाइंड तेल और एसएमपी के नमूने लिए गए। इसके अलावा 268 किलो वनस्पति और 510 किलो एसएमपी को सीज किया गया।
विभाग के मुताबिक 268 किलो वनस्पति की कीमत करीब 53,600 रुपये, जबकि 510 किलो एसएमपी की कीमत करीब 1.78 लाख रुपये है।
वहीं प्रदीप कुमार सिंह की इकाई से खोया के दो नमूने लिए गए। सभी नमूनों को सील कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
आठ नमूने लैब भेजे गए, रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई में कुल आठ नमूने लिए गए हैं। अब इनकी प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट में खाद्य पदार्थों में मिलावट या निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ, गाजियाबाद और बुलंदशहर की टीमें भी रहीं शामिल
अभियान को व्यापक बनाने के लिए आसपास के जिलों से भी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को कार्रवाई में शामिल किया गया। टीम में मेरठ के खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीरेश पाल, अतीश कुमार और सत्येंद्र सिंह तोमर, गाजियाबाद के पीके वर्मा और अजय सिंह तथा बुलंदशहर के मुनेंद्र सिंह राणा और अजय सिंह समेत स्थानीय अधिकारी शामिल रहे।
पुलिस बल की मौजूदगी में टीमों ने निर्माण इकाइयों की जांच की और संदिग्ध खाद्य सामग्री को कब्जे में लिया।
रक्षाबंधन तक जारी रहेगा जांच अभियान
सहायक आयुक्त खाद्य चंद्रशेखर मिश्र ने बताया कि रक्षाबंधन को देखते हुए मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अलग-अलग क्षेत्रों में खोया, मिठाई, दूध, पनीर, घी और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सोलाना-लालपुर में कार्रवाई के दौरान लिए गए सभी नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
