जानिए इंदौर में मोहन यादव ने राहुल गांधी और कांग्रेस को लेकर क्या कहा

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संजीव पॉल
संजीव पॉल

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ यात्रा’ के मंच से कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी की कार्यशैली और बयानों पर सवाल उठाते हुए उनकी तुलना पाकिस्तान से आकर राजनीति करने वाले व्यक्ति से कर दी।

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ की और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाएं गिनाईं। कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने मौजूद लोगों को लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्रहित की रक्षा का संकल्प भी दिलाया।

‘संवेदनशील मुद्दों पर सवाल खड़े करते हैं राहुल गांधी’

मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि सेना और देश से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर उनके बयान कई सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो राहुल गांधी पाकिस्तान से आकर भारत में राजनीति कर रहे हों। डॉ. यादव ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि पार्टी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं और संस्थाओं का सम्मान नहीं करती है।

योजनाओं और मोदी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि आज भारत की ताकत और विकास को पूरी दुनिया देख रही है, इसके बावजूद विपक्ष को देश की उपलब्धियां नजर नहीं आतीं। उन्होंने ‘किसान सम्मान निधि’ का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब केंद्र सरकार सीधे उनके खातों में सहायता राशि पहुंचा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि ‘लाड़ली बहना योजना’ सहित विभिन्न योजनाओं के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है।

नक्सलवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा

मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के मसले पर कांग्रेस के शासनकाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बालाघाट में हुई नक्सली घटनाओं और जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों का उल्लेख किया। भाजपा के चुनाव चिह्न का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि चाहे कितना भी कीचड़ उछाला जाए, कमल खिलने से कोई नहीं रोक सकता।

लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यात्रा में शामिल संतों, युवाओं और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया। अपने संबोधन के अंतिम चरण में उन्होंने मौजूद लोगों को लोकतंत्र और संविधान की गरिमा बनाए रखने, कानून के शासन का सम्मान करने, लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा करने और देश में अराजकता फैलाने के प्रयासों का विरोध करने की शपथ दिलाई।