MLC Election : 4 राज्यों में कांग्रेस का सूपड़ा साफ, जानें हार का कारण

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राघवेन्द्र मिश्रा
राघवेन्द्र मिश्रा

एक तरफ कांग्रेस (Congress) सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) पर लगातार हमलावर है, वहीं दूसरी तरफ हाल ही में चार राज्यों में बैलेट पेपर से हुए विधान परिषद (MLC) चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। चार राज्यों (कर्नाटक, बिहार, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश) में कुल 28 विधान परिषद सीटों पर चुनाव हुए थे। कांग्रेस ने 12 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से चार पर उसे पिछली बार जीत मिली थी, लेकिन इस बार देश की सबसे पुरानी पार्टी का किसी भी राज्य में खाता तक नहीं खुल सका।

सबसे बड़ा झटका कांग्रेस को कर्नाटक में लगा है, जहां सत्ता में होने के बावजूद पार्टी को एक भी सीट नसीब नहीं हुई।

कर्नाटक: सत्ता में रहकर भी 4 में से 0 सीट

कर्नाटक में कुल 4 एमएलसी सीटों पर चुनाव हुए थे और कांग्रेस ने चारों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। सीएम डीके शिवकुमार (CM DK Shivakumar) और प्रदेश अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद की जोड़ी अपनी पहली चुनावी परीक्षा में बुरी तरह फेल रही। इन चार में से एक सीट पहले कांग्रेस के पास थी, जिसे इस बार जेडीएस (JDS) ने छीन लिया। नतीजतन, बीजेपी-जेडीएस वाले एनडीए गठबंधन ने कर्नाटक में क्लीन स्वीप कर लिया।

बिहार: 5 सीटों पर लड़ी कांग्रेस, कहीं नहीं मिली जीत

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों में से कांग्रेस ने 5 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे। आरजेडी (RJD) से सीट बंटवारे को लेकर बात न बनने के कारण राज्य में ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन में भी दरार देखने को मिली और कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ा। पिछली बार इनमें से एक सीट (दरभंगा शिक्षक) पर कांग्रेस के मदन मोहन झा जीते थे, लेकिन इस बार वहां प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की जन सुराज पार्टी ने खाता खोल लिया। कांग्रेस बिहार की किसी भी सीट पर मुख्य मुकाबले में नजर नहीं आई।

महाराष्ट्र: 3 सीटों पर लड़ी कांग्रेस, 2 सिटिंग सीटें भी हारी

महाराष्ट्र की कुल पांच सीटों में से कांग्रेस ने तीन और शरद पवार की एनसीपी (NCP-SP) ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस के कोटे की 3 सीटों में से 2 पार्टी की सिटिंग सीटें थीं, लेकिन इसके बावजूद वह हार गई। वहीं, शरद पवार की पार्टी ने अपने कोटे की दोनों सीटें जीत लीं। पुणे में कांग्रेस की स्थिति इतनी खराब रही कि जहां एनसीपी (SP) के उम्मीदवार को एक लाख से ज्यादा वोट मिले, वहीं पुणे शिक्षक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार 10 हजार का आंकड़ा भी नहीं छू सका। इसके अलावा, गठबंधन से अलग चुनाव लड़ने वाली उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) भी हर जगह नाकाम रही।

उत्तर प्रदेश: 11 सीटों पर चुनाव, कांग्रेस ने नहीं उतारा उम्मीदवार

उत्तर प्रदेश में कुल 11 सीटों पर चुनाव हुए, लेकिन यहां कांग्रेस ने एक भी सीट पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारा। यूपी में मुख्य मुकाबला सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच ही रहा। यह स्थिति तब है, जब कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर समाजवादी पार्टी से बराबरी की हिस्सेदारी का दावा करती रही है।