सऊदी अरब में फिर मिसाइल हमला! अरामको की इमारत में आग, 4 घायल

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। यमन के हूती विद्रोहियों (Houthis) द्वारा किए गए हमलों के बाद सऊदी अरब के तेल उद्योग और राजधानी रियाद को निशाना बनाया गया है। मंगलवार शाम को हुए इन हमलों के कारण सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत स्थित धहरान (Dhahran) में सरकारी तेल कंपनी ‘सऊदी अरामको’ के एक प्रशासनिक भवन में आग लग गई।
धहरान में अरामको की बिल्डिंग पर हमला
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, हूती हमलों की वजह से धहरान में स्थित सऊदी अरामको के प्रशासनिक मुख्यालय की एक इमारत को निशाना बनाया गया, जिससे वहां एक सीमित आग लग गई। हालांकि, आपातकालीन टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया और इस घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है। अरामको का कामकाज सामान्य रूप से जारी है।
रियाद में गिरे मिसाइल के टुकड़े, चार घायल
उधर, राजधानी रियाद में स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब नागरिक सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, दो इंटरसेप्टेड क्रूज मिसाइलों और बैलिस्टिक मिसाइल के मलबे रिहायशी इलाकों में आ गिरे। इस मलबे की चपेट में आने से चार लोग घायल हो गए, जिनमें दो महिलाएं, एक पुरुष और एक बच्चा शामिल हैं। इसके अलावा रियाद में करीब 15 रिहायशी घरों को भी मामूली नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद शहर में हवाई खतरे का इमरजेंसी सायरन बजाया गया और लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हूती विद्रोहियों के इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वे “बहुत बुरा” बर्ताव कर रहे हैं और इसके पीछे ईरान का हाथ हो सकता है। ट्रम्प ने कहा कि वह इस समूह के खिलाफ सऊदी हमलों में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं। दूसरी ओर, हूतियों ने चेतावनी दी है कि यदि वाशिंगटन ने इस संघर्ष में दखल दिया, तो वे अमेरिकी हितों को भी निशाना बनाएंगे।
क्षेत्र में बढ़ते तनाव और तेल बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों के चलते वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरी हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी चेतावनी दी है कि इन हमलों का असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और बढ़ती ऊर्जा कीमतों पर पड़ सकता है।

