भारत के विरोध प्रदर्शन पर अमेरिका से सवाल, मैरी मिलबेन ने CJP को घेरा

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Jyoti Atmaram Ghag
Jyoti Atmaram Ghag

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) देश में लगातार आंदोलन चला रही है। इसी बीच, भारत के मुद्दों पर अक्सर अपनी राय रखने वालीं अफ्रीकी-अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने CJP को लेकर एक बड़ा दावा किया है। मिलबेन ने आरोप लगाया है कि CJP और इसके नेता अभिजीत दीपके को सीधे तौर पर उन अमेरिकी डोनर्स से फंडिंग मिल रही है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेतृत्व के खिलाफ काम कर रहे हैं।

‘विघटनकारी ताकतों के सामने नहीं झुकेंगे पीएम मोदी’

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए मैरी मिलबेन ने भारतीय युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने लिखा, “भारत के सभी युवा देशभक्तों, यह चुप रहने का समय नहीं है। अभिजीत दीपके और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को अमेरिका के उन डोनर्स से फंडिंग मिल रही है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेतृत्व में आपके भविष्य के खिलाफ हैं।”

पीएम मोदी की राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए मिलबेन ने अपने पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री ने 25 साल तक भारत की सेवा की है। वह 12 साल तक प्रधानमंत्री रहे हैं और लगातार तीन बार चुने गए हैं। सिंगर ने दावा किया कि पीएम मोदी अमेरिका की इन विघटनकारी ताकतों के सामने झुकने वाले नहीं हैं।

विदेशी डोनर्स के काम करने के तरीके पर उठाए सवाल

मिलबेन ने अपनी पोस्ट में इन कथित विदेशी डोनर्स की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, इन चुनिंदा डोनर्स का दुनिया भर में एक ही तरीका है— रूढ़िवादी वैश्विक नेताओं को निशाना बनाना।

सिंगर ने आरोप लगाया कि ये डोनर्स किसी देश से अमेरिका में पढ़े-लिखे व्यक्ति को ढूंढते हैं, उन्हें कट्टरपंथी बनाते हैं और फिर अराजकता व तबाही फैलाने के लिए भारी फंड देकर वापस उनके देश भेज देते हैं। मिलबेन के अनुसार, भले ही ये डोनर्स पूरी तरह सफल न हुए हों, लेकिन इन्होंने देश के विकास और शासन पर असर जरूर डाला है।

‘युवाओं को CJP का शांतिपूर्ण विरोध करना चाहिए’

भारतीय युवाओं से सीधे अपील करते हुए मिलबेन ने लिखा, “अब समय आ गया है कि भारत की मिट्टी में जन्मे, पले-बढ़े और शिक्षित युवा आगे आएं, संगठित हों और ‘कॉकरोच पार्टी’ की विघटनकारी सोच का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करें।” उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र और आज़ादी को बनाए रखने के लिए इस तरह की विघटनकारी सोच के खिलाफ हमेशा एक जवाबी आंदोलन होना चाहिए।

पहले भी RSS और पीएम मोदी के समर्थन में बोल चुकी हैं मिलबेन

यह पहली बार नहीं है जब मैरी मिलबेन ने इस तरह का बयान दिया हो। बीते अगस्त में उन्होंने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर भी तीखा हमला बोला था। उस समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे और न्यूयॉर्क के मशहूर मैडिसन स्क्वायर गार्डन (MSG) में उनके प्रस्तावित कार्यक्रम का ममदानी द्वारा विरोध किया जा रहा था।

मिलबेन ने तब आरोप लगाया था कि ममदानी और अन्य समाजवादी लोग भागवत के कार्यक्रम का विरोध केवल इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे पीएम मोदी और बीजेपी के विरोधी हैं। विरोधियों की राजनीतिक सोच पर निशाना साधते हुए उन्होंने लिखा था कि ये लोग समाजवाद की सोच रखते हैं, इसलिए वे पूंजीवाद (Capitalism) को नहीं समझते। उन्होंने अपने बयान में साफ किया था कि मैडिसन स्क्वायर गार्डन समाजवादियों की बातों के हिसाब से नहीं, बल्कि पूंजीवाद के हिसाब से चलता है और इसलिए वह कार्यक्रम होकर रहेगा।