मराठी की अनिवार्यता से रोजी पर संकट? धनंजय ने सुनेत्रा से मांगी राहत

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

महाराष्ट्र में मराठी भाषा संबंधी नियमों को लेकर उत्तर भारतीय टैक्सी चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नए नियमों के चलते इन चालकों को अपने वाहनों के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) और नवीनीकरण (रिन्यूअल) में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा संकट मंडराने लगा है।

इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP – अजीत पवार गुट) के राष्ट्रीय सचिव और किसान सभा के राष्ट्रीय प्रभारी धनंजय शर्मा ने पार्टी नेता और उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से मुलाकात की है। शर्मा ने उन्हें एक मांगपत्र सौंपकर महाराष्ट्र सरकार से हस्तक्षेप करने और प्रभावित चालकों को राहत दिलाने की अपील की है।

मराठी नियमों में उलझे उत्तर भारतीय टैक्सी चालक

सुनेत्रा पवार को सौंपे गए मांगपत्र में धनंजय शर्मा ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र में टैक्सी चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले हजारों गरीब और मेहनतकश उत्तर भारतीय चालकों को मौजूदा व्यवस्था के कारण गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि मराठी भाषा की अनिवार्यता से जुड़े नियमों के कारण कई चालकों के वाहन पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया अटक गई है। इससे चालकों में डर है कि अगर जल्द ही समाधान नहीं निकला, तो उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।

‘सरल और न्यायसंगत व्यवस्था बनाए सरकार’

धनंजय शर्मा ने सुनेत्रा पवार से अपील की है कि वे इस मामले को मानवीय दृष्टिकोण से देखें और महाराष्ट्र सरकार तथा संबंधित विभागों (RTO) के साथ तत्काल वार्ता करें।

उन्होंने मांग की है कि भाषा संबंधी आवश्यकताओं और कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए गरीब टैक्सी चालकों को पर्याप्त समय और अवसर दिए जाएं। इसके अलावा, राज्य सरकार एक ऐसी सरल, व्यावहारिक और न्यायसंगत व्यवस्था (Practical System) बनाए जिससे किसी भी मेहनतकश व्यक्ति की आजीविका प्रभावित न हो।

उत्तर भारतीय समाज को सकारात्मक पहल की उम्मीद

अपने पत्र में धनंजय शर्मा ने पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के उत्तर भारतीय समाज के प्रति सहयोगात्मक रुख का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर भारतीयों की समस्याओं के प्रति अजित पवार की संवेदनशीलता जगजाहिर है, इसलिए उन्हें सुनेत्रा पवार से भी इस मामले में सकारात्मक पहल की पूरी उम्मीद है।

शर्मा ने जोर देकर कहा कि सरकार को बिना किसी भेदभाव के जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए, ताकि गरीब टैक्सी चालक बिना किसी डर और परेशानी के अपना काम जारी रख सकें।