शांति की मेज या युद्ध का मैदान? अमेरिका को जवाब देने की तैयारी में ईरान

iran
सैयद सरवर हुसैन - कंट्री हेड- ईरान
सैयद सरवर हुसैन – कंट्री हेड- ईरान

ईरान ने कूटनीतिक बातचीत और सैन्य गतिरोध के बीच अपना रुख स्पष्ट किया है। ईरान के उप विदेश मंत्री (कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामले) काज़ेम गरीबाबादी ने कहा है कि तेहरान कूटनीति के लिए पूरी तरह तैयार है, बशर्ते उठाए गए मुद्दे यथार्थवादी (realistic) हों। सोमवार रात ‘अल अरबिया’ से बातचीत में उन्होंने बताया कि ईरान न्यूयॉर्क में पेश किए गए प्रस्ताव पर अमेरिकी पक्ष की टिप्पणियों (observations) का अपना अंतिम जवाब तैयार कर रहा है। विचार-विमर्श के बाद यह जवाब मध्यस्थों के जरिए वॉशिंगटन तक पहुंचाया जाएगा।

‘कूटनीति और आत्मरक्षा दोनों के लिए तैयार’

गरीबाबादी ने जोर देकर कहा कि ईरान हमेशा से बातचीत का स्वागत करता रहा है और किसी भी पक्ष के साथ संवाद करने में उसने कभी पीछे हटने का काम नहीं किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की आत्मरक्षा और लड़ने की तैयारी कूटनीतिक बातचीत करने की तत्परता से किसी भी मायने में कम नहीं है।

‘इस्लामाबाद समझौते’ पर अमेरिका को खरी-खरी

उप विदेश मंत्री ने अमेरिका को उसकी जिम्मेदारियों की याद दिलाते हुए कहा कि वॉशिंगटन ने ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (Islamabad MoU) के तहत अपने दायित्वों का पालन नहीं किया है। उनके मुताबिक, कूटनीतिक प्रक्रिया में ईरान की लगातार भागीदारी उसकी राजनीतिक समझ और लचीलेपन को दर्शाती है, लेकिन अब अमेरिका को सुधारात्मक कदम उठाने होंगे और अपने वादों पर लौटना होगा।

‘ईरान से और अधिक लचीलेपन की उम्मीद न करें’

गरीबाबादी ने कहा कि ईरान ने अपनी तरफ से किसी भी कमिटमेंट का उल्लंघन नहीं किया है। अमेरिका के रवैये पर निशाना साधते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिकी पक्ष अपने सभी वादों को पूरी तरह से नजरअंदाज करता रहेगा, तब तक ईरान से और अधिक लचीलापन दिखाने की उम्मीद बिल्कुल नहीं की जा सकती। दोनों देशों के बीच सार्थक प्रगति इस बात पर निर्भर करती है कि दूसरा पक्ष अपने वादे पूरे करे और एक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाए।