होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण, अमेरिका से तनाव के बीच कच्चे तेल में उछाल

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सैयद सरवर हुसैन - कंट्री हेड- ईरान
सैयद सरवर हुसैन – कंट्री हेड- ईरान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा की धुरी बताते हुए कहा है कि समुद्री क्षेत्रों में ईरान की मजबूत मौजूदगी ने देश की जीवनरेखा को टूटने नहीं दिया। विश्व समुद्री दिवस के अवसर पर बुधवार को जारी अपने संदेश में उन्होंने स्पष्ट किया कि फारस की खाड़ी और इससे जुड़े जलमार्गों में स्थायी शांति पूरी तरह क्षेत्रीय देशों के आपसी सहयोग पर निर्भर है। उधर, ईरानी सशस्त्र बलों ने दोहराया कि अमेरिकी दावों के बावजूद इस रणनीतिक जलमार्ग पर नियंत्रण और पहल पूरी तरह तेहरान के हाथों में है।

‘होर्मुज जलमार्ग पर ईरान का रुख जिम्मेदार’

राष्ट्रपति पेजेशकियन ने समुद्र को केवल एक जल क्षेत्र न मानकर देश के इतिहास, पहचान और भविष्य का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा परिवहन और सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील स्थान रखता है।

पेजेशकियन के मुताबिक, इस जलमार्ग को लेकर ईरान की नीति पूरी तरह जिम्मेदार है और इसका उद्देश्य क्षेत्र के सभी देशों के हितों और स्थिरता की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में ईरानी समुद्री कर्मियों ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद देश की आपूर्ति और आर्थिक तंत्र को रुकने नहीं दिया। राष्ट्रपति ने सुरक्षित शिपिंग, आधुनिक समुद्री तकनीकों के विकास और समुद्री पर्यावरण की रक्षा को भावी प्राथमिकताओं में शामिल किया।

समुद्र राष्ट्रीय शक्ति का मुख्य स्तंभ: सेना

ईरानी सेना के समन्वयक रियर एडमिरल हबीबुल्लाह सैय्यारी ने अपने अलग संदेश में समुद्र को राष्ट्रीय शक्ति और व्यापार का अहम घटक बताया। उन्होंने कहा कि पिछले टकरावों और युद्ध की स्थितियों में भी देश के नाविकों और बंदरगाहों से जुड़े कर्मियों ने आवश्यक वस्तुओं व ऊर्जा की सप्लाई लाइन को बाधित नहीं होने दिया। सैय्यारी ने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइन्स और नेशनल ईरानी टैंकर कंपनी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना ईरान के आर्थिक हितों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है।

अमेरिकी दावों के बीच सैन्य कमांडर का पलटवार

सशस्त्र बलों के एक वरिष्ठ कमांडर ने कहा कि अमेरिका के तमाम दावों के बाद भी होर्मुज जलडमरूमध्य पर पहल ईरान के पास बनी हुई है।

ईरानी पक्ष के अनुसार, 28 फरवरी को शुरू हुई अमेरिकी और इजरायली कार्रवाइयों के जवाब में ईरान ने इस जलमार्ग से आवाजाही सीमित कर दी थी। इसके बाद 17 जून को पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच एक समझौता (MoU) हुआ था, जिसके अनुच्छेद 5 (Article 5) के तहत इस मार्ग को फिर से खोलने और संचालित करने का दायित्व पूरी तरह ईरान को सौंपा गया था।

कमांडर ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने ओमान के तट के करीब असुरक्षित गलियारा बनाने की कोशिश कर ईरान की संप्रभुता को चुनौती दी, हवाई हमले फिर शुरू किए और नौसैनिक नाकेबंदी लगाकर समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया।

जहाजों की आवाजाही न्यूनतम स्तर पर, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे तेल के दाम

अमेरिकी कदमों के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी तरह के जहाजों की आवाजाही के लिए बंद करने का ऐलान किया था। इस घोषणा के बाद से जलमार्ग से होने वाला समुद्री ट्रैफिक पिछले कई महीनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। ईरानी नेतृत्व ने दोहराया है कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को दोबारा सामान्य करना पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका समझौते के तहत अपनी तय प्रतिबद्धताओं का पालन करे।