‘राहुल पीएम चेहरा होंगे?’ सवाल टाल गईं ममता बनर्जी, बोलीं- ‘आप होंगे’

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ विपक्षी एकजुटता को धार देने के लिए बुधवार को ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की अहम बैठक हुई। बैठक के दौरान गठबंधन में शामिल दलों ने साझा लड़ाई लड़ने और एकजुट रहने का संकल्प दोहराया। हालांकि, बैठक के बाद जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी से गठबंधन के प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर सवाल पूछा गया, तो वह सीधा जवाब देने से बचती नजर आईं।

‘राहुल गांधी पीएम चेहरा होंगे?’ सवाल पर ममता का जवाब

प्रेस कॉन्फ्रेंस और बातचीत के दौरान पत्रकारों ने ममता बनर्जी से लगातार सवाल किया कि क्या 2029 या आगामी चुनावों के लिए राहुल गांधी गठबंधन का पीएम चेहरा होंगे? इस सवाल पर सीधा जवाब देने के बजाय ममता बनर्जी ने सवाल पूछने वाले पत्रकार से ही चुटकी लेते हुए कह दिया, “आप होंगे।”

गठबंधन के भीतर प्रधानमंत्री के चेहरे को लेकर पहले भी चर्चाएं और खींचतान देखने को मिलती रही हैं, और भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी लगातार विपक्ष से उनके नेता के नाम पर सवाल पूछती रही है।

‘हम लड़ेंगे, जीतेंगे और ज्ञानेश कुमार को हटाएंगे’

बैठक के बाद गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने सार्वजनिक रूप से एकजुटता का संदेश दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सभी दलों ने एक साथ मिलकर पूरी मजबूती से यह लड़ाई लड़ने पर सहमति जताई है।

ममता बनर्जी ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा, “हम लड़ेंगे, जीतेंगे। हम ज्ञानेश कुमार को हटाएंगे।” वहीं, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने साझा मंच पर जोर देते हुए कहा कि सभी विपक्षी दलों को अब एक ही बैनर तले मैदान में उतरना चाहिए।

शिवराज सिंह चौहान का तीखा तंज

इंडी गठबंधन की इस बैठक से पहले ही केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के नेतृत्व पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन के घटक दल खुद राहुल गांधी को अपना नेता स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “कांग्रेस के नेता भी राहुल गांधी को नेता मानने को तैयार नहीं हैं। जिसे अपनी ही पार्टी के नेता नहीं मान रहे, उसे देश अपना नेता कैसे मानेगा? राहुल गांधी की लीडरशिप स्वीकार्य नहीं है, इसलिए सहयोगी दलों के नेता भी बैठक में आने से कतराते हैं।”

सड़क से लेकर राष्ट्रपति भवन तक आंदोलन का खाका

बैठक में चुनाव आयोग और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा तय की गई। गठबंधन ने मुख्य रूप से इन कदमों का ऐलान किया है:

  • 2 से 8 अक्टूबर: देश भर में जिला स्तर पर ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ निकाला जाएगा।

  • 6 अक्टूबर: INDIA गठबंधन के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसद दिल्ली में चुनाव आयोग मुख्यालय तक पैदल मार्च करेंगे।

  • अक्टूबर का दूसरा हफ्ता: विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल देश की राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेगा और उनके सामने अपनी बात रखेगा।

  • देश भर में 5 बड़ी रैलियां: गठबंधन देश के अलग-अलग हिस्सों में पांच बड़ी संयुक्त रैलियां आयोजित करेगा।

  • 1 नवंबर को दिल्ली में महारैली: दिल्ली में एक बड़ी रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसमें ‘वोट चोरी’ और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।