इराक ने अमेरिकी दबाव को दरकिनार किया? ईरान के साथ फिर शुरू उड़ानें

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अजमल शाह
अजमल शाह

इराक और ईरान के बीच ठप पड़ी हवाई यात्रा आखिरकार फिर से शुरू हो गई है। इराकी एयरवेज (Iraqi Airways) ने इराक के पवित्र शहर नजफ (Najaf) और ईरानी हवाई अड्डों के बीच व्यावसायिक उड़ानें बहाल कर दी हैं। इराक की ओर से यह कदम वाशिंगटन के साथ सीधे बातचीत के बाद उठाया गया है, जिसमें बगदाद ने ईरानी एयरलाइंस से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंधों से कुछ विमानन सुविधाओं को छूट देने की मांग की थी।

आधिकारिक इराकी समाचार एजेंसी के मुताबिक, सोमवार देर रात से उड़ानों का संचालन फिर से शुरू हो गया। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग (US Treasury Department) के ‘सेकेंडरी सैंक्शंस’ (द्वितीयक प्रतिबंधों) के डर से नजफ समेत इराक के तीन अन्य हवाई अड्डों ने पिछले शुक्रवार को ईरान के लिए उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया था।

विदेशी कंपनियों के डर से लगा था ब्रेक

ईरान में इराक के राजदूत यासर अब्दुलजहरा अल-हज्जाज ने इस घटनाक्रम को स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि इराकी सरकार ने ईरान की उड़ानों को रोकने का कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया था। हज्जाज के मुताबिक, असल में विदेशी ग्राउंड-हैंडलिंग कंपनियों ने अमेरिकी प्रतिबंधों के डर से ईरानी एयरलाइंस को अपनी सेवाएं देने से इनकार कर दिया था, जिसके चलते मजबूरन उड़ानों को रद्द करना पड़ा।

राजदूत ने कहा कि प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के नेतृत्व वाली इराकी सरकार दोनों पड़ोसी देशों के बीच सामान्य हवाई यातायात बहाल करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। रिपोर्ट में भी प्रधानमंत्री जैदी के “गहन प्रयासों” का विशेष जिक्र किया गया है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच विमानन सेवाएं पटरी पर लौटी हैं।

इराक में उड़ानों पर रोक के खिलाफ भारी विरोध

ईरान के लिए उड़ानें रोके जाने के बाद सोमवार को पूरे इराक में भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे। नजफ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाहर, दक्षिणी शहर नासिरिया, पवित्र शहर कर्बला और दक्षिण-पूर्वी शहर अमारा में हजारों की संख्या में इराकी नागरिकों ने सड़क पर उतरकर उड़ानें रोकने के फैसले की कड़ी निंदा की थी।

ईरान ने ICAO में दर्ज कराई शिकायत

इस पूरे मामले में ईरान ने भी आक्रामक कूटनीतिक रुख अपनाया है। ईरान ने अमेरिकी विमानन प्रतिबंधों के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) में आधिकारिक तौर पर शिकायत दर्ज कराई है।

ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन के प्रमुख अबुजर शिरौदी ने बताया कि उड़ानों को कानूनी रूप से बहाल करने के लिए ईरानी विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर प्रयास किए जा रहे हैं। शिरौदी ने यह भी दावा किया कि ICAO ने अमेरिकी प्रतिबंधों पर ईरान के विरोध को सही ठहराते हुए उसके पक्ष में फैसला सुनाया है।

क्या हैं अमेरिकी प्रतिबंध?

गौरतलब है कि 8 सितंबर को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 27 ईरानी एयरलाइंस पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे। इसके साथ ही एक चेतावनी भी जारी की गई थी कि जो भी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, ईंधन आपूर्तिकर्ता (Fuel Suppliers), ग्राउंड-हैंडलिंग कंपनियां या अन्य सेवा प्रदाता इन प्रतिबंधित एयरलाइंस के साथ काम करेंगे, उन्हें भी अमेरिकी ‘सेकेंडरी सैंक्शंस’ का सामना करना पड़ सकता है। इसी चेतावनी के डर से ग्राउंड-हैंडलिंग फर्मों ने काम रोक दिया था।