क्या Red Bull की कैन से गायब होगा ‘Energy Drink’? कोर्ट पहुंचा मामला

red
Gautam Kumar Agarwal
Gautam Kumar Agarwal

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) द्वारा फूड और बेवरेजेस कंपनियों के खिलाफ लगातार की जा रही कार्रवाई की आंच अब मशहूर कंपनी रेड बुल (Red Bull) तक पहुंच गई है। FSSAI ने रेड बुल की पैकेजिंग से ‘एनर्जी ड्रिंक’ (Energy Drink) का विवरण हटाने का आदेश दिया है और कंपनी का स्टॉक भी जब्त कर लिया है। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के खिलाफ कंपनी ने अब दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने FSSAI से क्या पूछा?

सोमवार को जस्टिस अमित महाजन की पीठ ने रेड बुल की याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बिना पक्ष सुने तुरंत जब्ती की कार्रवाई करने पर सवाल उठाए।

कोर्ट ने FSSAI से यह स्पष्टीकरण मांगा है कि क्या यह आदेश जारी करने से पहले कंपनी को कोई ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show-Cause Notice) जारी किया गया था और क्या उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया गया था। अदालत ने FSSAI के वकील से इस मामले में निर्देश प्राप्त कर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर 2026 को होगी। हालांकि, सोमवार की कार्यवाही में रेड बुल को कोई अंतरिम राहत नहीं दी गई है।

रेड बुल की याचिका में क्या दावे किए गए हैं?

अपनी याचिका में रेड बुल ने FSSAI की कार्रवाई को मनमाना और बिना किसी पूर्व सूचना के किया गया कदम बताया है। याचिका में निम्नलिखित अहम दावे किए गए हैं:

  • 22 साल का इतिहास: कंपनी का कहना है कि वह साल 2002 से ही भारत में अपने प्रोडक्ट्स को ‘एनर्जी ड्रिंक’ के रूप में बेच रही है।

  • बिना नोटिस जब्ती: कंपनी का आरोप है कि 30 जून को यह निर्देश बिना किसी पूर्व सूचना या सुनवाई का मौका दिए जारी किया गया। इसके बाद जुलाई में जारी कम्युनिकेशन के आधार पर प्रवर्तन (Enforcement) कार्रवाई की गई और देश भर में कई जगहों पर कंपनी का स्टॉक जब्त कर लिया गया।

  • FSSAI के पुराने रुख का हवाला: रेड बुल ने FSSAI के बदले हुए रुख पर सवाल उठाते हुए मार्च 2024 की एक एडवाइजरी (Advisory) का हवाला दिया है। कंपनी का दावा है कि उस एडवाइजरी में कैफीन वाले ड्रिंक्स की कैटेगरी में आने वाले प्रोडक्ट्स के लिए ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द के इस्तेमाल को स्पष्ट रूप से मंजूरी दी गई थी।

आने वाले दिनों में दिल्ली हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई यह तय करेगी कि रेड बुल अपने डिब्बों पर ‘एनर्जी ड्रिंक’ लिख पाएगी या फिर FSSAI के नए नियमों के तहत उसे अपनी दशकों पुरानी पैकेजिंग रणनीति में बदलाव करना होगा।