2.6 किलो हेरोइन, मौत की सजा और फिर राहत, मैरी जेन वेलोसो की कहानी

प्रवासी अधिकार समर्थकों ने फिलीपीन की मानव तस्करी पीड़िता मैरी जेन वेलोसो (Mary Jane Veloso) की 16 साल की हिरासत के बाद रिहाई को एक ऐतिहासिक जीत करार दिया है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यह मामला उन गंभीर खतरों को उजागर करता है, जिनका सामना विदेशों में काम करने वाले कई कमजोर मजदूर आज भी कर रहे हैं।
इंडोनेशिया में फांसी के फंदे तक पहुंचने के सालों बाद, वेलोसो शुक्रवार रात को मंडालुयोंग सिटी के महिला सुधार संस्थान (Correctional Institution for Women) से रिहा हो गईं। उन्हें फिलीपीन के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर (Ferdinand Marcos Jnr) द्वारा दी गई ‘पूर्ण माफी’ (Absolute Pardon) से यह आजादी मिली है।
क्या है मैरी जेन वेलोसो का पूरा मामला?
मार्कोस की इस कार्रवाई से वेलोसो की ड्रग्स दोषसिद्धि से जुड़ी शेष आपराधिक देनदारी खत्म हो गई है और उनके नागरिक व राजनीतिक अधिकार बहाल हो गए हैं। इसके साथ ही 2010 से शुरू हुआ एक लंबा अध्याय भी बंद हो गया।
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2010 में वेलोसो को इंडोनेशिया के योग्याकार्टा में गिरफ्तार किया गया था। उनके सामान में 2.6 किलोग्राम हेरोइन छिपी हुई मिली थी।
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दो बच्चों की अकेली मां वेलोसो ने हमेशा यही कहा कि उन्हें उन रिक्रूटर्स ने धोखा दिया था, जिन्होंने उन्हें विदेश में घरेलू सहायिका (Domestic Helper) के तौर पर नौकरी दिलाने का वादा किया था।
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2015 में उन्हें 13 सदस्यीय फायरिंग स्क्वाड द्वारा मौत की सजा दी जानी थी, लेकिन तत्कालीन फिलीपीन राष्ट्रपति बेनिग्नो एक्विनो III की अपील के बाद इंडोनेशियाई सरकार ने आखिरी मिनट पर सजा रोक दी थी।
2024 में दोनों देशों के अधिकारियों ने इंडोनेशिया सरकार की नई नीति के तहत वेलोसो को फिलीपींस वापस भेजने के लिए एक “व्यावहारिक व्यवस्था” पर हस्ताक्षर किए। इसी समझौते के तहत उन्हें रिहा किया गया है।
‘एक चमत्कार और सामूहिक प्रयास की जीत’
वेलोसो के वकील और नेशनल यूनियन ऑफ पीपल्स लॉयर्स (NUPL) के एद्रे ओलालिया ने ‘दिस वीक इन एशिया’ को बताया कि माफी की खबर सुनकर वेलोसो का परिवार खुशी से झूम उठा।
प्रवासी श्रमिकों के संगठन ‘माइग्रांते इंटरनेशनल’ (Migrante International) और ‘एंटी-डेथ पेनल्टी नेटवर्क’ (ADPAN) ने भी इस रिहाई का स्वागत किया। संगठनों का कहना है कि मैरी जेन की रिहाई लोगों के सामूहिक प्रयासों की शक्ति का प्रमाण है।
‘वेलोसो तो बस एक हैं, हजारों अब भी फंसे हैं’
प्रवासी अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि मैरी जेन की रिहाई एक जीत जरूर है, लेकिन यह उन हजारों प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा को भी सामने लाती है, जो विदेशी धरती पर मुश्किलों में घिरे हैं।
माइग्रांते इंटरनेशनल के आंकड़ों के मुताबिक, हर दिन 8,000 से 10,000 फिलीपीनी नागरिक विदेश में रोजगार की तलाश में अपना देश छोड़ते हैं। माइग्रांते के प्रवक्ता चैट डिमानो का कहना है कि यह मामला मनीला की उन हजारों विदेशी फिलीपीनी श्रमिकों (OFWs) को सुरक्षित रखने में विफलता को दर्शाता है, जिनके समर्थन में वेलोसो जैसी आवाजें नहीं उठ पातीं।
प्रवासी श्रमिकों के आंकड़े और खतरे
विदेशी फिलीपीनी श्रमिकों के मामलों पर काम करने वाली एजेंसी ‘डिपार्टमेंट ऑफ माइग्रेंट वर्कर्स’ (DMW) के 2025 के आंकड़ों के अनुसार:
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दुनिया भर में लगभग 3,000 फिलीपीनी कर्मचारी आपराधिक, आव्रजन (Immigration) या श्रम संबंधी मामलों का सामना कर रहे हैं।
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इनमें से 25 श्रमिक ‘मौत की सजा’ (Death Row) का सामना कर रहे हैं।
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सबसे ज्यादा मामले मध्य पूर्व में हैं, जहां 1,215 OFW सलाखों के पीछे हैं।
अधिकार कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार भर्ती एजेंसियों पर अपनी निगरानी मजबूत नहीं करती और विदेशों में अपने नागरिकों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए कड़े कूटनीतिक कदम नहीं उठाती, तब तक और भी “मैरी जेन वेलोसो” जैसी घटनाएं सामने आती रहेंगी।

