मानसून की विदाई में क्यों हो रही देरी? उत्तर भारत में फिर बारिश का दौर

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साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

देश में इस साल मानसून (Monsoon) की विदाई में देरी हो रही है। सामान्य तौर पर सितंबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते से मानसून लौटना शुरू कर देता है, लेकिन इस बार सितंबर के आखिरी दिनों में भी कई राज्यों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश समेत देश के कई बड़े हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

आखिर मानसून के लौटने में देरी क्यों हो रही है और किन राज्यों में मौसम सबसे ज्यादा खराब रहने वाला है, आइए जानते हैं।

मानसून देर से क्यों लौट रहा है? मौसम विभाग ने बताईं 3 मुख्य वजहें

मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल मानसून की अवधि लंबी होने के पीछे तीन प्रमुख भौगोलिक और मौसमी कारण जिम्मेदार हैं:

  1. बंगाल की खाड़ी में कम दबाव: बंगाल की खाड़ी में लगातार कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) बना हुआ है। इसके कारण चक्रवाती हवाएं नमी लेकर सीधे मैदानी इलाकों की तरफ पहुंच रही हैं, जिससे बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

  2. ला नीना (La Nina) का प्रभाव: प्रशांत महासागर में इस समय ‘ला नीना’ की स्थिति सक्रिय है, जो ‘अल नीनो’ को कमजोर करती है। इसका सीधा असर भारतीय मानसून पर पड़ा है और सितंबर के अंत तक सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जा रही है।

  3. हवाओं का सीधा टकराव: बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं और उत्तर-पश्चिम भारत की ओर से आने वाली ठंडी व शुष्क हवाएं आपस में टकरा रही हैं। इस टकराव से मध्य और पूर्वी भारत के ऊपर घने बादल बन रहे हैं, जो भारी बारिश का कारण बन रहे हैं।

किन राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का हाल?

उत्तर प्रदेश (UP): पूर्वी यूपी (गोरखपुर, बस्ती, प्रयागराज, वाराणसी) और मध्य यूपी (लखनऊ, कानपुर) में अगले 3-4 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं, पश्चिमी यूपी (नोएडा, गाजियाबाद) और दिल्ली-एनसीआर में हल्के बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर फुहारें पड़ सकती हैं। कई जिलों में आंधी और बिजली कड़कने की भी आशंका है।

उत्तराखंड और अन्य पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड के लिए मौसम विभाग ने सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, उधम सिंह नगर, चंपावत, बागेश्वर और पौड़ी में अगले 48-72 घंटों के लिए ‘रेड अलर्ट’ (Red Alert) है। जबकि पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी और अल्मोड़ा में ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) रहेगा। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी अगले 48 घंटों में भारी बारिश होने के आसार हैं।

बिहार, झारखंड और पूर्वी भारत: बिहार में अगले 3-4 दिनों तक मानसून बेहद सक्रिय रहने वाला है। उत्तर बिहार के जिलों (पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी) में भारी बारिश की आशंका है, जिससे कोसी, गंडक और बागमती नदियों का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा झारखंड (रांची, धनबाद) और पश्चिम बंगाल व ओडिशा के तटीय इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहेगी।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: मध्य प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी जिलों (रीवा, सागर, जबलपुर, ग्वालियर) में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। वहीं, छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में अगले तीन दिनों तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा।

राजस्थान: पश्चिमी राजस्थान से मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन पूर्वी राजस्थान (जयपुर, कोटा, भरतपुर) के कुछ हिस्सों में अभी भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

क्या सावधानी बरतें? मौसम विभाग ने पहाड़ी और बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खासकर जहां रेड या ऑरेंज अलर्ट है, वहां नदी-नालों से दूर रहें और किसी भी अनावश्यक यात्रा से बचें। प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय मौसम अपडेट्स पर लगातार नजर बनाए रखें।