Heart of the Beast : ब्रैड पिट से ज्यादा डॉगी ओडिन ने चुराई लाइमलाइट

इंसान और डॉगी के प्यारे रिश्ते पर अक्सर फिल्में बनती रही हैं, और अब हॉलीवुड स्टार ब्रैड पिट (Brad Pitt) भी अपनी नई फिल्म ‘हार्ट ऑफ द बीस्ट’ (Heart of the Beast) के साथ इस अनोखे रिश्ते की एक भावनात्मक और रोमांचक कहानी लेकर आए हैं। एक बर्फीले और वीरान जंगल के बीच फंसे दो साथियों—एक इंसान और दूसरा बेजुबान चौपाया—की यह कहानी जिंदगी बचाने की एक कड़ी जद्दोजहद है। हालांकि, इस सर्वाइवल ड्रामा की असली जान इन दोनों के बीच की दोस्ती, प्यार और वफादारी है।
‘हार्ट ऑफ द बीस्ट’ की कहानी
फिल्म की कहानी सेना के स्पेशल फोर्सेज के रिटायर मेजर जेम्स बेलमोंट (ब्रैड पिट) और उनके बेहद करीबी रिटायर्ड कॉम्बैट जर्मन शेफर्ड ओडिन (ऊबर) के इर्द-गिर्द घूमती है।
युद्ध की डरावनी यादों और मानसिक तनाव से पीछा छुड़ाने के लिए जेम्स अपने साथी ओडिन के साथ अलास्का के बर्फीले जंगलों में वक्त बिताने का फैसला करता है। लेकिन खराब मौसम के बीच प्लेन उड़ाते वक्त उसे दिल का दौरा पड़ जाता है और उसका जहाज दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है।
इस भयंकर हादसे में जेम्स और ओडिन जैसे-तैसे बच तो जाते हैं, लेकिन उस वीरान और बर्फीले जंगल से सुरक्षित बाहर निकलने के लिए उनके सामने एक पहाड़ जैसी चुनौती है। उन्हें भीषण ठंड, भूख-प्यास, जंगली जानवरों, जानलेवा खाई और दलदल जैसे खतरों से लड़ते हुए 58 मील लंबी पैदल यात्रा तय करनी है। अब ये दोनों इस खौफनाक चुनौती से कैसे निपटते हैं, यही फिल्म की मुख्य कहानी है।
मूवी रिव्यू: निर्देशन और सिनेमैटोग्राफी
सुपरहिट वॉर फिल्म ‘फ्यूरी’ दे चुके निर्देशक डेविड आयर (David Ayer) और ब्रैड पिट की यह जोड़ी इस बार रोमांच और भावुकता का एक बेहतरीन मेल पेश करती है। जान हथेली पर रखकर आगे बढ़ते, गिरते-पड़ते और चोटिल होते जेम्स और ओडिन की सलामती के लिए दर्शक का दिल दुआ करता है। हालांकि, फिल्म में दिखाए गए कई संघर्ष और चुनौतियां एकदम नई नहीं हैं, ऐसा ड्रामा दर्शक पहले भी कई सर्वाइवल फिल्मों में देख चुके हैं। इसी दोहराव के कारण कई बार फिल्म का रोमांच थोड़ा धीमा पड़ जाता है, और इसके विजुअल इफेक्ट्स भी और बेहतर हो सकते थे।
इन कमियों के बावजूद, जेम्स और ओडिन के बीच का रिश्ता आपका पूरा ध्यान खींच लेता है। ये दोनों जिस तरह हर मुश्किल वक्त में एक-दूसरे का सहारा बनते हैं, वह वाकई दिल जीत लेता है।
एक्टिंग और परफॉर्मेंस
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ओडिन (डॉगी ऊबर): फिल्म का असली स्टार बेजुबान ओडिन यानी डॉगी ऊबर बना है। उसकी बोलती आंखें, चेहरे के भाव, फुर्ती और तेज दिमाग लाजवाब है।
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ब्रैड पिट: ब्रैड पिट ने युद्ध की विभीषिका झेल चुके और दुनियावी चीजों से उकताए एक सैनिक की हताशा, थकान और अकेलेपन को अपनी बॉडी लैंग्वेज से बखूबी पर्दे पर उतारा है। उनका अभिनय बेहद संयमित और प्रभावी है।
इसके अलावा, माउरो फियोरे (Mauro Fiore) की सिनेमैटोग्राफी फिल्म की एक बड़ी खूबी है। बर्फ से ढके पहाड़, कल-कल करती नदियां और दूर तक फैले जंगल कभी प्रकृति की खूबसूरत छटा दिखाते हैं तो अगले ही पल जानलेवा खतरे का सबब बन जाते हैं। सिनेमैटोग्राफर ने प्रकृति को सिर्फ एक लोकेशन नहीं, बल्कि फिल्म का एक अहम किरदार बना दिया है।
रेटिंग: 3/5 (तीन स्टार)
क्यों देखें: ब्रैड पिट और डॉगी ओडिन की दिल छू लेने वाली बॉन्डिंग और सर्वाइवल थ्रिलर के लिए इसे एक बार जरूर देखा जा सकता है।

