अरहर दाल 1 महीने में 11% महंगी, त्योहारों से पहले बढ़ा रसोई का खर्च

अगर आपके घर के राशन में अरहर (तूर) दाल शामिल है, तो इसकी बढ़ती कीमतें आपके महीने का बजट बिगाड़ सकती हैं। दालों के राजा कहे जाने वाले अरहर की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिल रहा है। पिछले एक महीने में इसके दाम करीब 11% तक बढ़ चुके हैं। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए आने वाले दिनों में इसकी कीमतों में और इजाफा होने की आशंका है।
क्यों आसमान छू रहे हैं अरहर के दाम?
बाजार के जानकारों के अनुसार, अरहर की कीमतों में अचानक आई इस तेजी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं:
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कमजोर मानसून: मानसून के कमजोर रहने की वजह से अरहर की फसल और भविष्य में इसकी सप्लाई चेन पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है।
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त्योहारी मांग: आगामी त्योहारों का सीजन नजदीक आने के कारण बाजार में दाल की मांग काफी बढ़ गई है।
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मिलर्स की खरीदारी: बढ़ती मांग और सप्लाई को लेकर चिंता के बीच दाल मिलों (Millers) की ओर से अरहर की खरीद तेज कर दी गई है।
8,100 रुपये के पार पहुंचा औसत मंडी भाव
केडिया एडवाइजरी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मांग और सप्लाई के असंतुलन के कारण कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है:
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देशभर में अरहर का औसत मंडी भाव बढ़कर 8,141.25 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है।
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पिछले एक महीने की अवधि में अरहर की कीमतों में 10.92% का उछाल आया है।
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पिछले तीन महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो इसके दामों में कुल 11.02% की तेजी दर्ज की गई है।
सरकार ने बढ़ाया अरहर का MSP
किसानों को उनकी फसल की बेहतर कीमत दिलाने और बाजार में दामों को एक स्तर से नीचे गिरने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने भी कदम उठाए हैं। सरकार ने 2026-27 सीजन के लिए अरहर का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 450 रुपये बढ़ाकर 8,450 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है।
अरहर के तेजी से बढ़ते इन दामों का सीधा असर आम ग्राहकों की जेब और रसोई के बजट पर पड़ेगा। इसके साथ ही, चावल उत्पादन में संभावित कमी की खबरों ने भी आने वाले समय में राशन की कीमतों और सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
