JDU बैठक से ललन सिंह क्यों रहे दूर? बड़ी टूट का दावा, पढ़ें इनसाइड स्टोरी

nitish kumar
शैलेन्द्र कुमार झा
शैलेन्द्र कुमार झा

बिहार की राजनीति में बुधवार (18 सितंबर) को उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) द्वारा बुलाई गई जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायकों और विधान पार्षदों की एक महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्र में मंत्री ललन सिंह (Lalan Singh) शामिल नहीं हुए। जेडीयू में नंबर 2 की हैसियत रखने वाले ललन सिंह की गैरमौजूदगी ने पार्टी के अंदरखाने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

विधायकों ने उठाए सवाल, RJD ने किया टूट का दावा

सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान खुद जेडीयू विधायकों ने ललन सिंह की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए। पूर्व मंत्री और विधायक अजीत कुमार ने स्पष्ट कहा, “ये विषय तो है, ललन बाबू को तो आना चाहिए।” वहीं, विधायक विनय चौधरी ने बचाव करते हुए कहा कि ललन सिंह और रामनाथ ठाकुर दोनों ही केंद्र में मंत्री हैं, शायद अपने मंत्रालय के काम में व्यस्त होंगे।

इस मौके का फायदा उठाते हुए विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बड़ा राजनीतिक दावा कर दिया है। RJD प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा:

“जेडीयू में सब कुछ ठीक नहीं है। पार्टी के अंदर नूरा कुश्ती चल रही है। आने वाले दिनों में यह विस्फोटक रूप लेगा और जेडीयू में बहुत बड़ी टूट होगी।”

संजय झा ने दी सफाई- ‘सांसदों को नहीं बुलाया था’

ललन सिंह की अनुपस्थिति पर उठ रहे सवालों पर विराम लगाने की कोशिश करते हुए जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा (Sanjay Jha) ने सफाई दी। उन्होंने कहा:

  • “यह बैठक मुख्य रूप से विधायकों (MLA) और विधान पार्षदों (MLC) के लिए एक ट्रेनिंग प्रोग्राम था, विशेषकर उनके लिए जो पहली बार चुनकर आए हैं।”

  • “सांसदों के लिए पार्टी ने कोई कार्यक्रम तय नहीं किया था, इसलिए कोई भी सांसद (ललन सिंह सहित) इस बैठक में नहीं आया।”

  • संजय झा ने यह भी दावा किया कि ललन सिंह पार्टी के सीनियर नेता हैं और उनकी उनसे कल शाम ही बातचीत हुई थी।

बैठक में क्या-क्या हुआ?

संजय झा ने बताया कि यह बैठक करीब तीन घंटे तक चली। इसमें बिहार की अर्थव्यवस्था, विकास दर (ग्रोथ), कानून व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया और केंद्र व राज्य के बीच शक्तियों के बंटवारे जैसे अहम मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई।

उत्तराधिकारी के रूप में उभरे निशांत कुमार! इस हाई-प्रोफाइल बैठक की एक और खास बात नीतीश कुमार के बेटे और बिहार सरकार में मंत्री निशांत कुमार (Nishant Kumar) की मौजूदगी रही। बैठक में मौजूद नेताओं ने पिता-पुत्र के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। जेडीयू नेता और मंत्री जमा खान से जब पूछा गया कि क्या आने वाले समय में निशांत कुमार बिहार का नेतृत्व करेंगे, तो उन्होंने बेझिझक कहा, “बिल्कुल करेंगे।”

ललन सिंह की दूरी और निशांत कुमार का बढ़ता कद—बिहार की राजनीति में यह नया घटनाक्रम जेडीयू के भीतर किसी बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है।