भारत और जापान के बीच पहला ऐतिहासिक क्रिकेट मैच, जानें पूरी डिटेल
भारत और जापान के बीच राजनयिक रिश्तों के 75 साल पूरे होने का शानदार जश्न अब क्रिकेट के मैदान पर भी नजर आने वाला है। 22 सितंबर को दोनों देशों की क्रिकेट टीमें पहली बार एक ऐतिहासिक द्विपक्षीय टी20 मुकाबले में आमने-सामने होंगी। टोक्यो से करीब 100 किलोमीटर दूर सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाले इस मुकाबले में भारतीय टी20 टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे, जबकि जापान टीम की कमान केंडल काडोवाकी-फ्लेमिंग के हाथों में होगी।
राजनयिक रिश्तों से खेल के मैदान तक का सफर
इस ऐतिहासिक मैच की नींव जनवरी 2026 में विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके जापानी समकक्ष तोशिमित्सु मोतेगी के बीच हुई मुलाकात में पड़ी थी। तब दोनों नेताओं ने क्रिकेट से जुड़े उपहारों (जापान की पिंक जर्सी और भारतीय खिलाड़ियों के ऑटोग्राफ वाला बैट) का आदान-प्रदान किया था। इसके बाद जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की मुलाकात हुई, जिसमें 2027 को ‘भारत-जापान साझा क्षितिज वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की गई थी।
बेसबॉल के देश में बढ़ रहा क्रिकेट का क्रेज, सुजुकी बनी मुख्य स्पॉन्सर
जापान में मुख्य रूप से बेसबॉल सबसे लोकप्रिय खेल है, लेकिन अब वहां क्रिकेट को भी बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। जापान क्रिकेट एसोसिएशन (JCA) के सीईओ नाओकी एलेक्स मियाजी के मुताबिक, इस मैच को लेकर दर्शकों और प्रायोजकों में भारी उत्साह है। इस खास मुकाबले के लिए सुजुकी (Suzuki) मुख्य प्रायोजक बनी है। इसके अलावा जापान के सबसे बड़े बैंक MUFG, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और TCS जैसी कंपनियों ने भी इस आयोजन को अपना समर्थन दिया है।
मैच के लिए JCA ने खोल दिया खजाना
इस मैच को सफल बनाने के लिए जेसीए ने अपना बड़ा बजट दांव पर लगा दिया है। जेसीए का सालाना बजट 200 से 300 मिलियन येन के बीच होता है, जिसमें से लगभग 100 मिलियन येन अकेले इस भारत-जापान मैच पर खर्च किए जा रहे हैं। मियाजी के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी इस इवेंट का पूरा सपोर्ट किया है। इस आयोजन का मुख्य मकसद नए दर्शकों को क्रिकेट से जोड़ना है।
टिकटों की भारी डिमांड, बढ़ानी पड़ी दर्शक क्षमता
मैच को लेकर स्थानीय लोगों और भारतीय प्रवासियों में इतना क्रेज है कि टिकट बिक्री की आधिकारिक घोषणा होने से पहले ही टिकट बिकने शुरू हो गए थे। दर्शकों की भारी भीड़ की उम्मीद को देखते हुए सानो क्रिकेट ग्राउंड की क्षमता को 500 से बढ़ाकर 2000 कर दिया गया है। जापान के कप्तान काडोवाकी-फ्लेमिंग ने भी इस आयोजन पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि वे इतने बड़े मैच की मेजबानी कर रहे हैं।
