चिनाब पर भारत के 4 डैम से डरा पाकिस्तान, 2 अरब डॉलर के नुकसान का दावा

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अजमल शाह
अजमल शाह

भारत द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को स्थगित किए जाने के बाद से पाकिस्तान में भारी बौखलाहट है। पाकिस्तानी जल विशेषज्ञ राशिद अब्बासी ने चिनाब नदी पर भारत द्वारा बनाए जा रहे चार नए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स और बांधों को पाकिस्तान के लिए ‘डेथ वारंट’ करार दिया है। अब्बासी ने आशंका जताई है कि पानी रुकने से पाकिस्तानी पंजाब के किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगी।

भारत के 4 बड़े बांध और ICC जाने की धमकी

पाकिस्तानी विशेषज्ञ ने एक टीवी डिबेट में दावा किया कि भारत चिनाब नदी के पानी को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए तेजी से काम कर रहा है:

  • निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स: अब्बासी ने पाकल दुल (1000 मेगावाट), रैटल (850 मेगावाट), बगलिहार (450 मेगावाट) और किश्तवाड़ बांध का जिक्र करते हुए इन्हें पाकिस्तान के लिए सीधा खतरा बताया।

  • क्रिमिनल कोर्ट की चेतावनी: पानी के संभावित संकट से डरे अब्बासी ने धमकी दी है कि अगर एक हफ्ते के भीतर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई कदम नहीं उठाया गया, तो वह अपनी निजी हैसियत से इस मामले को इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) में ले जाएंगे।

2 अरब डॉलर का नुकसान और ‘दिमाग की लड़ाई’

जल बंटवारे को लेकर अब्बासी ने भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत ने अपनी प्रताप और रणबीर नहर में 10 से 15 लाख एकड़-फीट पानी मोड़ दिया है। उनके अनुसार, इस पानी के रुकने से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को सालाना कम से कम 2 अरब डॉलर का भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

अपनी बेबसी जाहिर करते हुए अब्बासी ने माना कि यह अब हथियारों या टैंकों की नहीं, बल्कि ‘दिमाग की लड़ाई’ है। उन्होंने पाकिस्तानी सत्ता को आगाह करते हुए कहा कि यदि इस पानी को बचाने के लिए कूटनीतिक और बौद्धिक क्षमता नहीं दिखाई गई, तो यह भारत का कदम पाकिस्तान के लिए निश्चित तौर पर मौत की सजा साबित होगा।