सेना से टकराव नहीं करेंगे इमरान? PTI नेता ने दिए बड़े संकेत

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर PTI ने सैन्य प्रतिष्ठान के साथ टकराव कम करने के संकेत दिए हैं। पार्टी के प्रवक्ता और इमरान खान के करीबी सलाहकार जुल्फिकार बुखारी ने कहा है कि अगर जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री को रिहा किया जाता है तो वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे देश को नुकसान पहुंचे।
पत्रकारों से बातचीत में बुखारी ने कहा कि इमरान खान व्यक्तिगत या राजनीतिक विवादों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने सैन्य नेतृत्व और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के साथ किसी सीधे टकराव की संभावना को खारिज किया।
बुखारी ने कहा, “यदि कल इमरान खान को रिहा कर दिया जाता है, तो वे ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे देश को नुकसान पहुंचे।” उनके मुताबिक, टकराव से बचने के लिए व्यक्ति को अपनी नाराजगी और दर्द पर नियंत्रण रखना पड़ता है।
PTI ने दिया टकराव कम करने का संकेत
बुखारी के बयान में PTI की ओर से सैन्य नेतृत्व के साथ जारी राजनीतिक गतिरोध को कम करने का संकेत दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि देश की बेहतरी के लिए व्यक्तिगत नाराजगी को पीछे रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा, “आपको अपनी नाराजगी पर काबू पाना होता है, अपने दर्द को दबाना होता है और देश की बेहतरी के लिए इसे सहना पड़ता है।”
बुखारी ने यह भी कहा कि मौजूदा सैन्य नेतृत्व के पास राजनीतिक तनाव कम करने और कैदियों की रिहाई के लिए अधिकार मौजूद हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आया बयान
यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को 73 वर्षीय इमरान खान को बेहतर इलाज के लिए जेल से एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है।
इमरान खान की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ चल रहे मामलों के बीच PTI और सैन्य प्रतिष्ठान के बीच तनाव लंबे समय से बना हुआ है। बुखारी का ताजा बयान इसी पृष्ठभूमि में सामने आया है।
2022 के बाद सेना से टकराव बढ़ा
इमरान खान 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए प्रधानमंत्री पद से हटाए गए थे। इसके बाद 2023 में उनकी गिरफ्तारी हुई। उनके समर्थकों और PTI ने सैन्य प्रतिष्ठान के खिलाफ कई मौकों पर बेहद आक्रामक राजनीतिक रुख अपनाया।
9 मई 2023 की हिंसा के बाद PTI नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कई मामले दर्ज हुए और गिरफ्तारियां हुईं। इस पूरे घटनाक्रम ने इमरान खान और सैन्य नेतृत्व के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ाया।
क्या यह बैकचैनल बातचीत की तैयारी है?
PTI के नरम रुख के पीछे संभावित वजहों में सैन्य नेतृत्व के साथ बातचीत का रास्ता खोलना भी माना जा रहा है। पार्टी के भीतर लगातार कानूनी मामलों और गिरफ्तारियों के बीच संगठनात्मक दबाव कम करना एक अहम मुद्दा है।
बुखारी के बयान से यह संकेत मिलता है कि PTI सार्वजनिक टकराव के बजाय किसी संभावित संवाद के लिए जगह बनाए रखना चाहती है। इससे भविष्य में इमरान खान की रिहाई और उनकी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर बातचीत की संभावना बनी रह सकती है।
