तेजस्वी यादव हिरासत में; TRE-4 और डोमिसाइल पर सड़क पर उतरा विपक्ष

पटना: बिहार में शिक्षक भर्ती, डोमिसाइल नीति, पेपर लीक और युवाओं के मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बुधवार को सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में RJD नेताओं और कार्यकर्ताओं ने TRE-4 के तहत 32 हजार शिक्षकों की भर्ती और डोमिसाइल पॉलिसी लागू करने की मांग को लेकर लोक भवन की ओर पैदल मार्च शुरू किया। मार्च के दौरान पुलिस ने तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद मौके पर राजनीतिक तनाव बढ़ गया।
मार्च में RJD के सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
हिरासत में लिए गए तेजस्वी यादव
पुलिस वाहन में बैठाए जाने के बाद तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार नौजवानों और जनता से डर रही है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार प्रदर्शनकारियों को कब तक रोकेगी और कब तक जेल भेजेगी।
तेजस्वी ने कहा कि सत्ता में जो आया है, उसका जाना तय है। उन्होंने कहा कि कोई हमेशा के लिए सत्ता में नहीं रहता और आने वाले समय में जनता हर चीज का हिसाब करेगी।
हिरासत के बाद RJD समर्थकों की बड़ी संख्या उस पुलिस वाहन के आसपास जमा हो गई, जिसमें तेजस्वी यादव को ले जाया जा रहा था। कुछ समर्थक पुलिस वाहन की छत पर भी चढ़ गए। इससे मौके पर स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
TRE-4 में 32 हजार भर्ती की मांग
RJD के मार्च का प्रमुख मुद्दा TRE-4 शिक्षक भर्ती है। पार्टी की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया के तहत 32 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। इसके साथ ही पार्टी बिहार में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग भी उठा रही है।
तेजस्वी यादव ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर विपक्ष अपना आंदोलन जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय मिलने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी और वह जेल जाने से डरने वाले नहीं हैं।
तेजस्वी ने बेरोजगारी कम करने, पेपर लीक रोकने और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने को लेकर भी सरकार पर दबाव बनाने की बात कही।
वॉटर कैनन के इस्तेमाल पर भी विवाद
मार्च को रोकने के दौरान पुलिस की ओर से वॉटर कैनन के इस्तेमाल ने भी राजनीतिक विवाद को बढ़ा दिया। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आदेश पर की गई।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और RJD कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। प्रशासन की ओर से मार्च को आगे बढ़ने से रोकने की कार्रवाई के बाद विपक्ष ने सरकार पर प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार को दबाने का आरोप लगाया।
मीसा भारती ने भी सरकार को घेरा
RJD सांसद मीसा भारती भी तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले मार्च में शामिल हुईं। उन्होंने पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रों-युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा।
मीसा भारती ने सिवान की एक घटना का जिक्र करते हुए राज्य सरकार के रवैये पर सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने विरोध-प्रदर्शन के दौरान AK-47 के इस्तेमाल की बात स्वीकार की थी। इस दावे पर संबंधित अदालती रिकॉर्ड या सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया को इस कॉपी में स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं किया जा सका है।
आंदोलन से बढ़ा राजनीतिक दबाव
RJD का यह मार्च ऐसे समय हुआ है जब शिक्षक भर्ती, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, बेरोजगारी और राज्य में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर जैसे मुद्दे बिहार की राजनीति में लगातार उठ रहे हैं। तेजस्वी यादव ने इन मुद्दों को एक साथ जोड़कर सरकार के खिलाफ विपक्षी आंदोलन को सड़क पर उतारने की कोशिश की है।
मार्च के दौरान तेजस्वी की हिरासत और वॉटर कैनन के इस्तेमाल ने आंदोलन को केवल भर्ती की मांग तक सीमित नहीं रहने दिया। अब RJD इसे युवाओं, बेरोजगारी, परीक्षा व्यवस्था और सरकार के खिलाफ व्यापक राजनीतिक अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
