लखनऊ से सोनभद्र तक हेरोइन का नेटवर्क? 1.2 किलो खेप के साथ 6 गिरफ्तार

Sonbhadra
Ajay Gupta
Ajay Gupta

सोनभद्र: नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन शुद्धि के तहत सोनभद्र पुलिस ने हेरोइन तस्करी के एक नेटवर्क का खुलासा किया है। चोपन थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 1 किलो 204 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2.40 करोड़ रुपये बताई गई है। दो वाहनों, छह मोबाइल फोन और नकदी को मिलाकर कुल बरामदगी की अनुमानित कीमत करीब 2.75 करोड़ रुपये बताई गई है।

दो वाहनों से मिली हेरोइन

पुलिस के अनुसार टीम को सूचना मिली थी कि संदिग्ध वाहन के जरिए हेरोइन की खेप सोनभद्र लाई जा रही है। इसके बाद चोपन थाना पुलिस और एसओजी ने रॉबर्ट्सगंज की ओर से आने वाले वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान दो वाहनों को रोककर तलाशी ली गई। पुलिस का दावा है कि एक वाहन से 696 ग्राम और दूसरे से 508 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किए जाने वाले बताए गए थार और क्रेटा वाहन भी जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार थार की अनुमानित कीमत करीब 16 लाख और क्रेटा की करीब 18 लाख रुपये है। इसके अलावा छह मोबाइल फोन और 1,550 रुपये नकद भी बरामद किए गए।

लखनऊ से सोनभद्र तक सप्लाई

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे मिलकर पैसा लगाते थे और लखनऊ से हेरोइन खरीदकर सोनभद्र के अलग-अलग इलाकों में उसकी फुटकर बिक्री करते थे। पुलिस का कहना है कि बिक्री से मिलने वाली रकम को आपस में बांटा जाता था।

यह दावा अब जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस गिरोह के सप्लाई स्रोत, लखनऊ में संपर्कों और सोनभद्र में उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जहां तक यह नेटवर्क फैला होने की आशंका है।

छह आरोपी गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डाला बाजार निवासी आयुष जायसवाल, डाला चढ़ाई निवासी धर्मवीर उर्फ देवनाथ चन्द्रवंशी, सुधीर कुमार उर्फ छोटू, सूरज उर्फ अभिषेक, चुड़ी गली डाला निवासी जितेंद्र कुमार और अनपरा निवासी दीपक साहू उर्फ मुंगा लाल साहू के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक दीपक साहू अनपरा क्षेत्र में हेरोइन की फुटकर बिक्री करता था। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरफ्तार लोगों के अलावा नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और बरामद खेप का वास्तविक स्रोत क्या है।

पुराने मुकदमों की भी जांच

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों में कई के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट समेत अन्य मामलों में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों का मौजूदा गिरफ्तारी और नेटवर्क से क्या संबंध है, यह जांच के दौरान स्पष्ट होगा।

मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में केवल बरामदगी ही नहीं, बल्कि सप्लाई चेन और वित्तीय नेटवर्क की पहचान भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। इसी दिशा में पुलिस अब आरोपियों के संपर्कों, मोबाइल फोन और कथित लेनदेन की जानकारी खंगाल रही है।

गैंगस्टर एक्ट और संपत्ति की जांच

सोनभद्र के एसपी अभिषेक वर्मा के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस उनकी संपत्तियों का सत्यापन कराने की तैयारी में है। पुलिस के अनुसार यदि कोई संपत्ति अवैध गतिविधियों से अर्जित पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई का अगला चरण इसलिए महत्वपूर्ण होगा क्योंकि पुलिस की जांच अब बरामद हेरोइन और गिरफ्तारियों से आगे बढ़कर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की दिशा में है। अगर सप्लाई स्रोत और अन्य कड़ियां प्रमाणित होती हैं, तो यह कार्रवाई स्थानीय स्तर की बरामदगी से आगे जाकर बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई का आधार बन सकती है।

अब असली लक्ष्य सप्लाई चेन

1.204 किलो हेरोइन की बरामदगी और छह गिरफ्तारियां पुलिस के लिए बड़ी कार्रवाई हैं, लेकिन जांच का बड़ा सवाल अब यह है कि नशे की यह खेप कहां से आई और सोनभद्र में इसे खपाने वाला पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है।