स्कूल की चौखट पर कूड़े का अंबार, बारिश में दुर्गंध से परेशान बच्चे और ग्रामीण

सलखन/सोनभद्र: सलखन मुख्य बाजार स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास लंबे समय से जमा कूड़े-कचरे ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बरसात के बीच कचरे से उठती दुर्गंध और आसपास फैली गंदगी से विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों और शिक्षकों के साथ ग्रामीणों तथा राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल और बस्ती के बीच जमा कचरे का यह ढेर अब स्थानीय सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
स्कूल के पास कचरे का ढेर
प्राथमिक विद्यालय के समीप जमा कूड़े के कारण आसपास का वातावरण प्रभावित हो रहा है। बारिश के मौसम में कचरे के सड़ने से दुर्गंध बढ़ने की शिकायत ग्रामीणों ने की है। विद्यालय के पास होने के कारण समस्या का असर सीधे विद्यार्थियों और शिक्षकों की रोजमर्रा की आवाजाही पर भी पड़ रहा है।
मुख्य बाजार का इलाका होने से यहां से स्थानीय लोगों और राहगीरों का लगातार आवागमन रहता है। ऐसे में कूड़े के ढेर से निकलने वाली बदबू और गंदगी केवल स्कूल तक सीमित समस्या नहीं रह जाती, बल्कि आसपास के सार्वजनिक माहौल को भी प्रभावित करती है।
शिकायत के बाद भी सफाई नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि कूड़े की समस्या की जानकारी ग्राम प्रधान और संबंधित विभागीय अधिकारियों को दी जा चुकी है। इसके बावजूद कचरा हटाने के लिए अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों के मुताबिक लगातार जमा होते कचरे के कारण समस्या समय के साथ बढ़ती जा रही है।
बरसात में सफाई व्यवस्था की चुनौती और बढ़ जाती है। कचरा लंबे समय तक पड़ा रहने पर स्थानीय लोगों को दुर्गंध और गंदगी के बीच रहना पड़ता है। हालांकि, मौके पर कचरे की मात्रा, उसके निस्तारण की जिम्मेदारी और शिकायतों पर अधिकारियों की ओर से अब तक की गई कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
ग्रामीणों में नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय और आबादी के आसपास नियमित सफाई व्यवस्था जरूरी है। उनका सवाल है कि जब स्कूल के नजदीक लंबे समय से कचरा जमा है और इसकी जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाई जा चुकी है, तो सफाई क्यों नहीं कराई जा रही है।
राजा, शिवकुमार, सुरेश, सूरज, अगद, गिरजा, सागर, सुलेनदर समेत अन्य क्षेत्रवासियों ने संबंधित अधिकारियों से कूड़ा तत्काल हटवाने और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
अब कार्रवाई का इंतजार
मामला फिलहाल शिकायत और मांग के स्तर पर है। स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर कूड़े का निस्तारण कराए और भविष्य में दोबारा कचरा जमा न हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था बनाए। खासकर विद्यालय के आसपास सफाई को प्राथमिकता देने की जरूरत है, क्योंकि यहां समस्या का असर बच्चों, शिक्षकों और स्थानीय आबादी सभी पर पड़ रहा है।
कूड़े का एक ढेर देखने में भले ही स्थानीय समस्या लगे, लेकिन जब वही ढेर स्कूल की चौखट के पास लंबे समय तक पड़ा रहे, तो सवाल सिर्फ बदबू का नहीं रहता। सवाल यह भी होता है कि सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है और शिकायत के बाद कार्रवाई कब होगी।
